Thought of the day: अज्ञानता को अपनी ताकत समझने वालों पर तीखा वार करता है हरिशंकर परसाई का यह विचार

आज का सुविचार (Thought of the day): नासमझी का आत्मविश्वास अलग होता है। नासमझ व्यक्ति को ज्यादातर यह पता ही नहीं होता कि वह नासमझ है। उसे अपनी जानकारी की कमी दिखाई नहीं देती।

आज का सुविचार (Thought of the day): कमाल के लेखक और व्यंगकार रहे हरिशंकर परसाई की आज पुण्य तिथि है। आज के सुविचार में हम आपके लिए लाए हैं परसाई का एक ऐसा व्यंगात्मक कटाक्ष करता हुआ सुविचार जो आपको अपनी अज्ञानता से दूर रहने के लिए प्रेरित करेगा। यह कटाक्ष जितना छोटा है, उतना ही गहरा है- आत्मविश्वास धन का होता है, विद्या का भी और बल का भी, पर सबसे बड़ा आत्मविश्वास नासमझी का होता है। इसमें परसाई ने उस मानसिकता पर चोट की है, जिसमें इंसान अपनी अज्ञानता को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत समझने लगता है।

Thought of the day

आज का सुविचार (Thought of the day)

"आत्मविश्वास धन का होता है, विद्या का भी और बल का भी, पर सबसे बड़ा आत्मविश्वास नासमझी का होता है।"

आत्मविश्वास जरूरी है। धन हो तो उसके इस्तेमाल का आत्मविश्वास चाहिए। विद्या हो तो अपनी समझ पर भरोसा होना चाहिए। शरीर में बल हो तो उसका सही दिशा में इस्तेमाल करने का साहस भी होना चाहिए। इन सभी तरह के आत्मविश्वास की एक सीमा होती है। व्यक्ति जानता है कि उसके पास क्या है और क्या नहीं है। इसलिए उसका आत्मविश्वास किसी आधार पर टिका होता है।

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