Tehzeeb Hafi Shayari 2 line in Hindi, Urdu: शायरी की दुनिया में तहजीब हाफी एक जाना-पहचाना नाम बन चुके हैं। तहजीब नौजवान नस्लों के बीच अपनी बेहतरीन शायरी के लिए काफी पॉपुलर हैं। तहजीब कहते हैं कि शायर जो होता है वो पहले दिन से शायर होता है। फिर कोई एक वक्त एक चिंगारी , कोई एक बात उस शायर को शायर बना देती है। वह कहते हैं कि कुदरत उस इंसान को जीवन के किसी मोड़ पर इस बात का एहसास करा देती है कि वह शायर है। सोशल मीडिया के दौर में तहजीब हाफी को जितनी लोकप्रियता हासिल हुई उतनी शायद ही किसी नौजवान शायर को हुई हो। आइए डालते हैं उनके चंद बेहतरीन शेरों पर एक नजर:
Tehzeeb Hafi Famous Shayari in Hindi
Tehzeeb Hafi Shayari 2 line |Tehzeeb Hafi Shayari Love | Tehzeeb Hafi Shayari Urdu
1.पराई आग पे रोटी नहीं बनाऊँगा
मैं भीग जाऊँगा छतरी नहीं बनाऊँगा
2.मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
3.तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो
तो फिर ये बताओ कि तुम उसकी आंखों के बारे में क्या जानते हो
4.ये ज्योग्राफिया, फ़लसफ़ा, साइकोलाॅजी, साइंस, रियाज़ी वगैरह
ये सब जानना भी अहम है मगर उसके घर का पता जानते हो ?
5.रुक गया है वो या चल रहा है हमको सब कुछ पता चल रहा है
उसने शादी भी की है किसी से और गावों में क्या चल रहा है
6.तेरा चुप रहना मेरे ज़ेहन में क्या बैठ गया
इतनी आवाज़ें तुझे दीं कि गला बैठ गया
7.यूँ नहीं है कि फ़क़त मैं ही उसे चाहता हूँ
जो भी उस पेड़ की छाँव में गया बैठ गया
8.ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
9.किसे ख़बर है कि उम्र बस उस पे ग़ौर करने में कट रही है
कि ये उदासी हमारे जिस्मों से किस ख़ुशी में लिपट रही है
10.चेहरा देखें तेरे होंट और पलकें देखें
दिल पे आँखें रक्खें तेरी साँसें देखें
बता दें कि तहजीब हाफी पाकिस्तान के रहने वाले हैं। अपनी शायरी से उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच की सरहद को बेईमानी बता दिया है। तहजीब के शायरी जितनी पाकिस्तान में पसंद की जाती हैं, उसके उससे ज्यादा कद्रदान भारत में हैं। उम्मीद करते हैं आपको ऊपर दिये गए तहजीब हाफी के शेर डरूर पसंद आए होंगे।
