सूर्य पर शायरी इन हिंदी, Surya Par Shayari in hindi: आज साल 2026 का पहला वलयाकार सूर्य ग्रहण लगने वाला है। जिसे रिंग ऑफ फायर के नाम से भी जाना जाता है। यह ग्रहण भारतीय समय अनुसार दोपहर 3:26 बजे से शुरू होकर रात 7:57 बजे तक समाप्त होगा। सूर्य हमें जीवन में हर दिन नई शुरुआत करना सिखाता है। कल का दिन कितना भी कठिन हो, अंधेरे वाली रात के बाद नए दिन पर सूरज निकलता ही है। सूर्य की चमक सा आपको भी हमेशा चमकते रहना चाहिए, सूर्य के बिना वाकई जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। ऐसे में सूर्य पर समर्पित इन शायरियों को पढ़ आपका मन खिल उठेगा, और एक नई शुरुआत का जज्बा आपके अंदर भी भर जाएगा। सूर्य ग्रहण के अवसर पर यहां पढ़ें सूर्य पर शायरी, टॉप 10 शायरी इन हिंदी।
सूर्य पर शायरी इन हिंदी
Surya Grahan Shayari in Hindi
1. सूरज हर रोज कहता है चुपचाप,
हार मानना मेरे स्वभाव में नहीं।
डूबकर भी लौट आता हूं उजाले संग,
क्योंकि थकना मेरी पहचान में नहीं।
2. सूर्य सा बन जो खुद तपकर भी,
दूसरों के जीवन में रोशनी भर दे।
यही असली सफलता की पहचान है,
जो जलकर भी सबका अंधेरा हर दे
3. सूरज ने सिखाया समय का मान,
हर पल का होता है अपना काम।
जो आज को पूरी ईमानदारी दे,
वही कल बनाता है अपनी पहचान।
Surya Par Shayari
4. सूरज की किरणें नहीं पूछती रास्ता,
बस निकल पड़ती हैं अंधेरे से लड़ने।
हौसले भी ऐसे ही होने चाहिए,
खामोशी से मंजिल तक बढ़ने।
5. हर सुबह सूरज देता है पैगाम,
बीता कल अब बस एक याद है।
आज से जो खुद को बदल ले,
उसी के हाथ में अपना भविष्य है।
Sun Shayari
6. सूर्य का तेज नहीं करता शोर,
फिर भी दुनिया झुकती है उसके आगे।
जो कर्म में रखे सच्ची आग,
वही लिखता है इतिहास अपने भागे।
7. सूरज ढलता है, पर हारता नहीं,
बस अगली सुबह का वादा करता है।
जीवन भी यही सिखाता है हमें,
रुकना नहीं, आगे बढ़ते रहना होता है।
सूरज पर शायरी
8. सूरज सा बन जो रोज उगे,चाहे बादल कितने भी घने हों।
जो खुद पर विश्वास रख ले ज़रा,
उसके सपने कभी छोटे नहीं हों।
9. सूरज की तरह स्थिर रह अपने उसूलों में,
हवा कितनी भी तेज क्यों न हो।
जो सत्य के साथ खड़ा रहता है,
उसका उजाला कभी कम नहीं हो।
10. सूरज ने सिखाया खुद से जलना,
पर दुनिया को साया देना।
यही जीवन की सबसे बड़ी कला है,
दुख सहकर भी मुस्कान देना।
सूर्य देव पर शायरी
11. सूर्य देव की किरणें बनें जीवन का आधार,
हर अंधेरे को दें उजाले का उपहार।
नमन है उस शक्ति को जो हर दिन सिखाए,
कर्म, अनुशासन और सत्य का सार।
12. सूर्य देव उगते हैं हर रोज बिना थके,
हमें सिखाते हैं आगे बढ़ना बिना रुके।
जो समय और परिश्रम का मान रखे,
उसके सपने कभी अधूरे न टिके।
