गर्मी हो या बरसात, सूरज की UV किरणें लगभग हर मौसम में हमारी आंखों पर असर डालती हैं। कई लोग धूप में निकलते समय सिर और चेहरे को गमछे या चुन्नी से ढक लेते हैं और सोचते हैं कि इससे पूरी सुरक्षा मिल जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं है, कपड़ा चेहरे को धूल और धूप से कुछ हद तक बचा सकता है, लेकिन आंखों को UV किरणों से पूरी सुरक्षा नहीं देता।
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लंबे समय तक तेज धूप में रहने से आंखों में जलन, पानी आना, धुंधला दिखना और तो आगे चलकर कुछ गंभीर आंखों की समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में सही क्वालिटी वाले सनग्लास पहनना सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि आंखों के लिए भी जरूरी है। देखें सनग्लास क्यों जरूरी हैं और इन्हें खरीदते समय किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।
सनग्लास पहनना क्यों जरूरी है?
धूप की तेज किरणें आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। लंबे समय तक बिना किसी प्रकार के प्रोटेक्शन के धूप में रहने से आंखों में जलन, सूखापन, रोशनी से परेशानी और आंखों में खिंचाव महसूस हो सकता है। ऐसे में सही सनग्लास इन समस्याओं का खतरा कम करने में मदद करते हैं।
कैसे चुनें सही सनग्लास?
- हमेशा 100% UVA और UVB प्रोटेक्शन वाले सनग्लास चुनें।
- केवल गहरे रंग का कांच देखकर चश्मा न खरीदें।
- ऐसा फ्रेम लें जो आंखों के किनारों को भी अच्छी तरह कवर करे।
- अच्छी क्वालिटी वाले और भरोसे वाली ब्रांड का चश्मा चुनें।
- चेहरे के आकार के अनुसार आरामदायक फ्रेम खरीदें।
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किसे सबसे ज्यादा जरूरत होती है?
जो लोग रोज धूप में काम करते हैं, बाइक या स्कूटर चलाते हैं, ट्रेवल करते हैं, खेलते हैं या लंबे समय तक बाहर रहते हैं। तो उन्हें तो सनग्लास जरूर ही पहनने चाहिए। इस तेज चुभती हुई गर्मी में सनग्लास के साथ चौड़ी टोपी या कैप पहनना भी जरूरी है। आंखों में जलन, दर्द या धुंधला दिखने जैसी समस्या कुछ हद तक अच्छा चश्मा पहनने से दूर हो सकती हैं। तो आप भी अगली बार गर्मी में बाहर जाएं, तो सनग्लास जरूर ही पहनकर जाएं।
