Aaj Ki Shayari: अमीरजादों से दिल्ली के मिल न तामक्दूर, कि हम फकीर हुए हैं इन्हीं की दौलत से

Aaj Ki Shayari(आज की शायरी): शायरी अनकहे जज्बातों को कहने की कला है। नजरों की भाषा, लम्हों की खुशबू और एहसासों की नर्मी भी है शायरी। किसी रात की तन्हाई में एक छोटी सी मिसरा भी चांद बन जाता है और किसी पुराने दर्द का जिक्र सूरज सा उजाला कर देता है।

Shayari of the Day : शायरी को अगर बयां करना हो तो हम कह सकते हैं कि यह रूह की खिड़कियों पर दस्तक देती हुई एक नरम हवा की तरह है। य हवा कभी मधुर, कभी तीखी, कभी सवाल बनकर तो कभी मलहम की तरह बहती हुई आती है। शायरियों में पूरी एक मुकम्मल दुनिया बसती है, जहां दर्द भी गुलाब बनकर खिलता है और मोहब्बत भी बारिश की बूंदों में घुलकर उतरती है। शायरी अनकहे जज्बातों को कहने की कला है। नजरों की भाषा, लम्हों की खुशबू और एहसासों की नर्मी भी है शायरी। किसी रात की तन्हाई में एक छोटी सी मिसरा भी चांद बन जाता है और किसी पुराने दर्द का जिक्र सूरज सा उजाला कर देता है। आज हम आपके लिए लाए हैं मीर तकी मीर का एक बेहद खूबसूरत शेर:

Shayari of the Day

आज की शायरी (Photo: Pexels)

अमीर-ज़ादों से दिल्ली के मिल न ता-मक़्दूर

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