Sawan Poems in Hindi: सावन का महीना शुरू है। हर तरफ सावन के गीत और कविताएं सुनने को मिल रहे हैं। सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ की सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से पूजा करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है। सावन के महीने में स्कूलों में बच्चों को भगवान भोलेनाथ की कविताएं लिखने और पढ़ने के लिए भी कहा जाता है। ऐसे में आज हम आपके लिए सावन की कविताएं लेकर आए हैं। जिसे पढ़कर आप वापस से बचपन की यादों में डूब जाएंगे।
Sawan Poems Kavita in Hindi
हम दौड़ लगाते गलियों में
जब भी बारिश आ जाती थी
बहती हुई हवा कानों में
मधुर संगीत सुनाती थी,
जाने को उस समय में फिर से
मेरी बेचैनी बढ़ जाती है
जीवंत हो उठता है बचपन
जब सावन की बारिश आती है।
अब भीगने से हम डरते हैं
तब मिट्टी में खेला करते थे
गीले होकर जब घर जाते
माँ की डांट को झेला करते थे,
खूब शैतानी करते थे तब
अब माँ ये हमें बताती है
जीवंत हो उठता है बचपन
जब सावन की बारिश आती है।
छोटी सी जल की धारा में
नाव हमारी चलती थी
छोटे-छोटे से मन में तब
बड़ी आशाएं पलती थीं,
जो यारों के संग की थी मैंने
वो मस्ती मुझे बुलाती है
जीवंत हो उठता है बचपन
जब सावन की बारिश आती है।
बागों में हरियाली छाती थी
अम्बर में इन्द्रधनुष छाता था
मोर नाचता था पर खोले
वो दृश्य मुझे तो खूब भाता था,
देखने को वो सब कुछ अब
मेरी आँखें तरस जाती हैं
जीवंत हो उठता है बचपन
जब सावन की बारिश आती है।
अब न रहा वो बचपन
न ही किस्से रहे पुराने
बदले वक्त ने बदल दिए हैं
जीवन के सभी फ़साने,
उन सभी पलों की यादें मुझको
आकार आज रुलाती हैं
जीवंत हो उठता है बचपन
जब सावन की बारिश आती है।
