Sare Jahan se Achcha lyrics in Hindi: हिंदुस्तान अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक खूबसूरती व विविधता के कारण सैकड़ों सालों से दुनिया भर की नजर में रहा है। इस मुल्क के गुणगान में ना जाने कितने ही शायरों ने अपनी कलम से कालजयी नगमें लिखे हैं। ऐसा ही एक गीत है - सारे जहां से अच्छा, हिंदोस्तां हमारा। 15 अगस्त हो या 26 जनवरी, हिंदुस्तान की फिजाओं में चारों ओर ये गीत घुल जाता है। सारे जहां से अच्छा को औपचारिक रूप से तराना-ए-हिंद या फिर हिंदुस्तान के लोगों के गान के तौर पर जाना जाता है। यह एक उर्दू भाषा का गीत है। उर्दू शायरी की ग़ज़ल शैली में कवि अल्लामा मुहम्मद इक़बाल द्वारा लिखा गया यह गीत अमर हो गया है। आइए डालते हैं इस गीत के लिरिक्स पर एक नजर:
Sare Jahan Se Achcha lyrics in Hindi, 15 August Independence Day 2024
Sare Jaha se Achha lyrics in Hindi | Sare Jahan se Achcha Hindustan
सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा
हम बुलबुलें हैं इस की ये गुलसितां हमारा
ग़ुर्बत में हों अगर हम रहता है दिल वतन में
समझो वहीं हमें भी दिल हो जहां हमारा
पर्बत वो सब से ऊँचा हम-साया आसमां का
वो संतरी हमारा वो पासबां हमारा
गोदी में खेलती हैं इस की हज़ारों नदियां
गुलशन है जिन के दम से रश्क-ए-जिनां हमारा
ऐ आब-रूद-ए-गंगा वो दिन है याद तुझ को
उतरा तिरे किनारे जब कारवां हमारा
मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्तां हमारा
यूनान ओ मिस्र ओ रूमा सब मिट गए जहां से
अब तक मगर है बाक़ी नाम-ओ-निशां हमारा
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़मां हमारा
'इक़बाल' कोई महरम अपना नहीं जहां में
मालूम क्या किसी को दर्द-ए-निहां हमारा
बता दें कि इस गीत को प्रसिद्ध शायर मुहम्मद इक़बाल ने 1905 में लिखा था और सबसे पहले सरकारी कालेज, लाहौर में पढ़कर सुनाया था। यह इक़बाल की रचना बंग-ए-दारा में शामिल है।
