Rimjhim Gire Sawan lyrics Hindi: सावन की रिमझिम जैसे दिल की धरती पर कोई मीठी सरगम उतरती हो। आसमान से गिरती हर बूंद मानो किसी पुराने गीत की धुन हो, जिसमें बचपन, मोहब्बत और यादें भीगती चली जाती हैं। हरियाली से लिपटा गांव, कच्चे रास्तों पर छप-छप करती टप्परें और आम के बागों में झूले की पींगें, सावन अपने साथ कई एहसास एक साथ लाता है। सावन की फुहारें जैसे मन के भीतर जमी धूल को धो डालती हैं। पुराने खतों की तरह कुछ यादें फिर से भीग जाती हैं। सावन रुकता नहीं, बस बहता है। दिल की गलियों में, किसी गीत की नमी बनकर। ऐसा ही एक गीत है- रिमझिम गिरे सावन। अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी पर फिल्माया यह गाना 1979 में रिलीज हुई फिल्म मंजिल का है।
रिमझिम गिरे सावन के लिरिक्स हिंदी में (Photo: Canva)
लता मंगेशकर और किशोर कुमार की आवाज में 'रिमझिम गिरे सावन' बारिश का पर्याय बन चुका है। सावन के मौसम में आपको यह गीत लोगों के घरों से गली मोहल्ले की छोटी-छोटी दुकानों तक पर बजता सुनाई दे जाएगा। आइए डालते हैं इस गीत के लिरिक्स पर एक नजर:
Rimjhim Gire Sawan Lyrics in Hindi | रिमझिम गिरे सावन लिरिक्स
रिमझिम गिरे सावन
सुलग सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन
सुलग सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन
जब घुंघरुओं सी बजती हैं बूंदे
अरमाँ हमारे पलके न मूंदे
कैसे देखे सपने नयन
सुलग सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन
रिमझिम गिरे सावन
सुलग सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन
सुलग सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
पहले भी यूं तो बरसे थे बादल
पहले भी यूं तो भीगा था आँचल
पहले भी यूं तो बरसे थे बादल
पहले भी यूं तो भीगा था आँचल
अबके बरस क्यू सजन
सुलग सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन
रिमझिम गिरे सावन
उम्मीद करते हैं इस गाने के बोल आपको सावन की फुहारों में भिगो रहे होंगे। आप चाहें तो इसके बोल अपने किसी खास को भेज भी सकते हैं।
