Makar Sankranti 2023: घना कोहरा, गुनगुनी धूप और गुड़ की सौंधी सुगंध के साथ चटक तिल का स्वाद। मकर संक्रांति ये तो खास स्वाद लेकर आती है अपने साथ। आसमान में उंची उठती रंग बिरंगी पतंगों की डोर को थामते हुए जब मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू का जायका जुबान पर चढ़ता है तो इसके आगे 56 भोग भी फीके ही लगते हैं। तिल गुड़ के लड्डू हों या तिल मावा के। बस लड्डू तिल के ही होने चाहिए संक्रांति पर। सर्दियों की बहार इन्हें कहना गलत न होगा। क्योंकि सर्द मौसम में तिल के लड्डू स्वाद के साथ सेहत भी देते हैं। इसलिए मकर संक्रांति पर खिचड़ी के साथ तिल का भी विशेष महत्व होता है। आइये आज आपको बताते हैं तिल के लड्डुओं की आसान सी रेसिपी।
मकर संक्रांति पर तिल गुड़ के लड्डू देते हैं सुगंध
तिल गुड़ के लड्डू
सामग्री
दो कप भुने हुए तिल
दो कप कद्दूकस किया गुड़
एक बड़ा चम्मच देशी घी
स्वाद और सुगंध के लिए छोटी इलायची
आधा कप काजू, बादाम बारिक कटे हुए
विधि
गुड़ तिल के लड्डू बनाने की रेसिपी बहुत ही आसान है और बहुत जल्द बनने वाली है। सबसे पहले एक कढ़ाइ में तिल को भून लें। इन्हें सूखा ही भून लें। सफेद तिल ही लड्डुओं के लिए लेने हैं। कढ़ाइ में थोड़ा घी गर्म करके कटी हुयी मेवा हल्की भून लें। चाहें तो आप इसमें मूंगफली के दरदरे दाने भी मिला सकते हैं। इसके बाद एक पैन में गुड़ को थाेड़ा सा घी डालकर पिछला लें। जब गुड़ पिछलने लगे तो गैस बंद करके उसे हल्का ठंडा होने दें और इसमें तिल, मेवा, इलायची मिक्स कर लें। पूरी सामग्री को अच्छी तरह मिक्स करें। अब हाथाें में देशी घी लगाते हुए लड्डू बनाते जाएं। लीजिए सर्द मौसम की बहार गुड़ तिल के लड्डू आपके हैं तैयार।
सेहत के लिए वरदान बनते हैं तिल गुड़ के लड्डू
आपको बता दें कि तिल− गुड़ के लड्डू सर्दियों में होने वाली खांसी− जुकाम जैसी परेशानियों के लिए काल का काम करते हैं। दोनों ही चीजें गर्म होने के कारण सर्दी में ये राहत तो देते ही हैं। साथ ही गुड़ पाचन तंत्र को मजबूत करता है। तिल में आयरन रक्त और हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है। भाेजन के बाद एक लड्डू का सेवन करें और इसके कुछ देर बाद तेज गुनगुना पानी पीलें तो पेट अच्छे से साफ हो जाता है। कब्ज की समस्या भी दूर होती है।
