Rabindra Jayanti 2026: क्या है रवींद्र जयंती और पोइला बोइशाख का कनेक्शन? जानें क्यों दो बार मनाई जाती है रवींद्रनाथ टैगोर जयंती

Rabindra Jayanti 2026: भारतीय इतिहास और बंगाल के कनेक्शन की बात हो और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का नाम न आए ऐसा भला कैसे हो सकता है। आइए जानते हैं क्या है रवींद्र जयंती और पोइला बोइशाख का कनेक्शन?

Rabindra Jayanti 2026: भारतीय संस्कृति और साहित्य की बात हो और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का नाम न आए, ऐसा संभव नहीं है। हर साल रवींद्र जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल और बांग्ला संस्कृति से जुड़े लोगों के लिए यह दिन बेहद खास होता है। वहीं दूसरी ओर पॉइचे बोइशाख, जिसे बंगाली नववर्ष के रूप में मनाया जाता है, भी बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर रवींद्र जयंती और पोइला बोइशाख (Poila Boishakh) का क्या संबंध है?

Rabindra Jayanti 2026

रवींद्र जयंती और पोइला बोइशाख का कनेक्शन

क्या है रवींद्र जयंती?

भारतीय संस्कृति और साहित्य की बात हो और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का नाम न आए, ऐसा संभव नहीं है। हर साल देश भर में रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती 7 मई (अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार) को मनाई जाती है। जबकि पश्चिम बंगाल और बांग्ला संस्कृति से जुड़े रवींद्रनाथ टैगोर जयंती को 'पोइला बोइशाख' (बंगाली कैलेंडर के अनुसार) 8/9 मई के दिन मनाते हैं।

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