खाना बनाना और बर्तन धोना काम नहीं, स्किल है - कितनी सही है प्रियंका चोपड़ा की ये बात?

Priyanka Chopra: आज के माहौल में प्रियंका चोपड़ा का बयान उस सोच को चुनौती देता है, जिसने सदियों तक घरेलू कामों को महिलाओं का काम माना जाता रहा है।

कुकिंग और क्लीनिंग महिलाओं का काम नहीं, ये बेसिक एडल्टिंग है- हाल ही में अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा का यह बयान सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहा। उन्होंने साफ कहा कि खाना बनाना, सफाई करना और घर के छोटे-बड़े काम किसी एक जेंडर की जिम्मेदारी नहीं, जीवन के जरूरी स्किल्स हैं। प्रियंका के बयान पर सोशल मीडिया में ये बहस छिड़ गई कि क्या ये बात वाकई सही है? वैसे एक्सपर्ट्स और बदलते समाज को देखें तो जवाब काफी हद तक हां में दिखाई देता है।

Priyanka Chopra

प्रियंका चोपड़ा के बयान पर छिड़ी चर्चा (Photo: Priyanka Chopra fan page/fb)

टीमवर्क है घर चलाना

पारंपरिक भारतीय समाज में लंबे समय तक खाना बनाना, बर्तन धोना और घर संभालना महिलाओं की जिम्मेदारी माना जाता रहा है। आज परिस्थितियां बदल रही हैं। महिलाएं भी पुरुषों की तरह पढ़ाई, नौकरी और बिजनेस में बराबरी से हिस्सा ले रही हैं। ऐसे में घरेलू कामों को केवल महिलाओं की जिम्मेदारी मानना न तो व्यावहारिक है और न ही न्यायसंगत। एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि घर चलाना साझी जिम्मेदारी है।

End of Feed