Patriotic Shayari in Hindi (देशभक्ति की शायरी): भारत के वीरों ने इस देश की आन, बान और शान को महफुज रखने के लिए कभी भी अपनी जान की परवाह नहीं की और हंसते हंसते देश की मिट्टी के लिए शहीद हो गए। ऐसा ही कुछ 14 फरवरी 2019 को भी हुआ था, जब पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकियों ने भारतीय सेना के काफिले पर जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हमला कर दिया था। इस हमले में भारतीय सेना के 46 वीर सैनिक शहीद हो गए थे। दुश्मनों को इसी हमले का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए 26 फरवरी को भारतीय वायु सेना द्वारा बालाकोट एयर स्ट्राइक की गई थी। आज उस इस एयर स्ट्राइक को 5 साल पूरे हो गए हैं, ऐसे में इस खास दिन पर यहां पढ़ें देशभक्ति की शायरी, जो आपका दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
Patriotic shayari on balakat air strike deshbhakti hindi shayari
बालाकोट एयर स्ट्राइक देशभक्ति की शायरी, Patriotic Shayari in Hindi Balakot Air strike
1. मुझे न तन चाहिए, न ही धन चाहिए
बस अमन से भरा ये वतन चाहिए,
जब तक जिंदा रहूं, इस मातृ भूमि के लिए
और जब मरूं तो तिरंगा ही कफन चाहिए
2. जमाने भर में मिलते हैं आशिक कई,
मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता.
नोटों मे भी लिपट कर,
सोने में सिमटकर मरे हैं शासक कई,
मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफन नहीं होता..
3. उन्हें लगा था,
हम वापस सुरंग से आएंगे,
पता न था,
हम हवा में मारके वापस अपने वतन लौट जाएंगे..
4. ह बात हवाओं को बताए रखना,
रौशनी होगी चिरागों को जलाए रखना।
लहू देकर जिसकी हिफाजत हमने की,
ऐसे तरंगे को सदा दिल में बसाए रखना।
5. लों की नफरत को निकालो,
वतन के इन दुश्मनों को मारो,
ये देश है खतरे में ए -मेरे -हमवतन,
भारत माँ के सम्मान को बचा लो!!
6. जो देश के लिए शहीद हुए,
उनको मेरा सलाम है,
अपने लहू से जिस जमीन को सींचा,
उन बहादुरों को सलाम है..
7. कर जज्बे को बुलंद जवान,
तेरे पीछे खड़ी आवाम,
हर दुश्मन को मार गिराएंगे,
जो हमसे देश बंटवाएंगे..
8. सीने में जुनून दिल में हिंदुस्तान रखता हूं,
देखकर दुश्मन की सांसे थम जाए,
आंखों में देश प्रेम की ऐसी ज्वाला रखता हूं..
9. किसी गजरे की खुशबू को महकता छोड़ आया हूं,
मेरी नन्ही सी चिड़िया को चहकता छोड़ आया हूं।
मुझे छाती से अपनी तू लगा लेना है ऐ भारत मां,
मैं अपनी मां की बाहों को तरसता छोड़ आया हूं।
10. नफरत बुरी है ना पालो इसे,
दिलों में खलिश है निकालो इसे।
ना मेरा ना तेरा ना इसका ना उसका,
यह वतन है सबका संभालो इसे।
