Parenting Tips: ऐसे घर के बच्चे जल्दी सीखते हैं पढ़ना-लिखना, छह महीने के बच्चे के सामने जरूर करें ये काम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 8, 2022, 09:11 PM IST

Research on Parenting: बच्चे की परवरिश उसके व्यक्तित्व के विकास में सबसे जरूरी होती है। हालांकि, बच्चे को पालने के दौरान माता-पिता कई गलतियां करते हैं। बार्सिलोना में शिक्षा का थिंक टैंक मानी जाने वाली बॉफेल फाउंडेशन ने पेरेंटिंग से जुड़ी कई बातों पर शोध किया। जानिए बच्चे के परवरिश में किन बातों का रखें ध्यान।

KEY HIGHLIGHTS
  • छोटे बच्चे के विकास में असर डालती है आपकी आर्थिक स्थिति
  • जीवन में अच्छे संस्कार ज्ञान का है सबसे पहला स्त्रोत
  • आत्मनिर्भर बनने से बच्चा देता है अपना 100 फीसदी

Parenting Tips in Hindi: बच्चे पालना, उनकी देखभाल करना, उनके विकास, परवरिश तथा पढ़ाई में योगदान देना, बिल्कुल आसान नहीं होता। अगर आप भी एक पैरेंट हैं, तो ये सवाल आपके मन में उठना भी लाजमी है कि, आप कैसे अपने बच्चे को पढ़ने लिखने और जीवन की राह में और सफल बना सकते हैं। इस सवाल के चलते माता-पिता अक्सर बच्चों को जल्दी स्कूल में डालने की होड़ में रहते हैं। ये सोचकर की बच्चा सिर्फ वहीं जाकर शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ज्यादा सीख सकता है। लेकिन बार्सिलोना में शिक्षा का थिंक टैंक मानी जाने वाली बॉफेल फाउंडेशन की नई स्टडी इस धारणा का विरोध करती है।

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इस शोध में पता चला है कि, बच्चों के ज्ञान का, शब्दो का भंडार तब से बनने लग जाता है। जब वे बोलना, पढ़ना या लिखना तक नहीं सीखते हैं। जो इस बात को समझने पर भी जोर डालता है कि, मां बाप ही बच्चों के जीवन में संस्कार, अच्छे आचरण और ज्ञान का संचार करने का सबसे पहला और महत्वपूर्ण स्रोत होते हैं। और बच्चों का ये विकास केवल सामाजिक, शारीरिक या मानसिक नहीं, शैक्षणिक भी होता है। रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है कि, अगर आप अपने 6 महीने के बच्चे के आसपास कुछ पढ़ते हैं या बात करते हैं। तो वो शब्द बहुत आसानी से उसके दिमाग में सेट हो जाते हैं, तथा उसकी शुरुआती स्कूली पढ़ाई के बराबर माने जा सकते हैं।

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