बहुत से लोग सुबह नींद से जागने के बाद भी काफी देर तक बिस्तर पर ही रहते हैं। इसके उलट कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो नींद खुलते ही एक झटके में बिस्तर छोड़ देते हैं। ऐसे लोगों को ये जानना जरूरी है कि सुबह का ये 'झटका' आने वाले दिनों में उनके लिए आफत बन सकता है। दरअसल डॉक्टरों का कहना है कि झटके से उठने की आदत कमर और रीढ़ की सेहत पर बुरा असर डाल सकती है। खासकर उन लोगों के लिए, जिन्हें पहले से पीठ दर्द या मांसपेशियों में अकड़न की समस्या रहती है।
सुबह की छोटी सी आदत ला सकती है बड़ी आफत (Photo: iStock)
सुबह का झटका क्यों हैं खतरनाक
मेडिकल साइंस कहता है कि रातभर सोने के दौरान रीढ़ की हड्डी की डिस्क पर दबाव बढ़ जाता है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने से शरीर की मांसपेशियां भी थोड़ी अकड़ जाती हैं। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति अचानक या झटके से उठता है तो रीढ़ और कमर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे दर्द या चोट का खतरा बढ़ जाता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
डॉ. राशिद सैफी दिल्ली के विम्हन्स हॉस्पिटल में सीनियर फिजियोथेरपिस्ट हैं। उनका कहना है कि सुबह का समय ऐसा होता है जब शरीर पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ होता। मांसपेशियां ठंडी और कम लचीली होती हैं। इसलिए सीधे पीठ के बल लेटे-लेटे उठने की बजाय पहले शरीर को थोड़ा स्ट्रेच करना चाहिए।
एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि जागने के बाद कुछ सेकंड तक बिस्तर पर ही आराम से लेटे रहें। हाथ-पैरों को हल्का फैलाएं और शरीर को ढीला करें। इसके बाद एक करवट लें और पैरों को धीरे-धीरे बिस्तर के किनारे नीचे लाएं। हाथों का सहारा लेते हुए आराम से बैठें और फिर खड़े हों। इस तरीके से कमर पर अचानक दबाव नहीं पड़ता और चोट का जोखिम कम हो जाता है।
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अगर सुबह उठते समय कमर में जकड़न महसूस होती है, तो बिस्तर पर ही कुछ हल्की एक्सरसाइज भी की जा सकती हैं। जैसे घुटनों को छाती की ओर लाना, पैरों को धीरे-धीरे उठाना या शरीर को हल्का स्ट्रेच करना। इससे मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं और खड़े होने में आसानी होती है।
डॉ. राशिद सैफी यह भी कहते हैं कि सिर्फ उठने का तरीका ही नहीं, गलत बैठने की आदतें, लगातार लैपटॉप या मोबाइल का इस्तेमाल, शारीरिक गतिविधि की कमी, कमजोर मांसपेशियां और खराब पॉश्चर भी पीठ दर्द की वजह बन सकते हैं। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहने से भी रीढ़ पर दबाव बढ़ता है।
रीढ़ को मजबूत कैसे रखें
रीढ़ को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम, तैराकी, पैदल चलना और कोर मसल्स को मजबूत करने वाली गतिविधियां फायदेमंद मानी जाती हैं। साथ ही, विटामिन डी और विटामिन बी12 के स्तर का ध्यान रखना और लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठे रहना भी जरूरी है।
सुबह बिस्तर से उठने का सही तरीका अपनाकर और शरीर को थोड़ा समय देकर आप कमर दर्द और रीढ़ से जुड़ी कई समस्याओं से खुद को बचा सकते हैं।
