National Sandwich Day: वेज सैंडविच, ग्रिल सैंडविच, आलू सैंडविच, पिज्जा सैंडविच, कॉर्न सैंडविच, बॉम्बे सैंडविच और न जाने कितने ही तरीके के सैंडविच आजकल चलन में है। सैंडविच एक ऐसा स्नैक है जिसे अब सिर्फ ब्रेकफास्ट ही नहीं टी-टाइम स्नैक्स और ईवनिंग स्नैक्स के रूप में भी बेहद पसंद किया जाता है। कुल मिलाकर इसे स्नैक्स का राजा कहा जा सकता है। आज है नेशनल सैंडविच डे। हर साल 3 नवंबर को यह खास दिन सेलिब्रेट किया जाता है। क्या आपको पता है आपके पसंदीदा सैंडविच का आविष्कार कैसे हुआ। चलिए हम आपको बताते हैं—
national sandwich day 2022
लेट नाइट स्नैक्स के रूप में हुई शुरुआत
दरअसल, सैंडविच पश्चिमी देशों की देन है। 18वीं शताब्दी से सैंडविच अस्तित्व में आया। वहां सैंडविच में मीट की स्टफिंग होती थी। भारतीयों ने पश्चिम की इस देन को अपनाया, लेकिन भारतीय स्वाद के साथ इसमें वेजिटेबल्स को जोड़कर। माना जाता है कि पश्चिमी देशों में सैंडविच की शुरुआत लेट नाइट स्नैक्स के तौर पर हुई। इसकी लोकप्रियता इसलिए बढ़ी क्योंकि इसे एक हाथ से खाना आसान था। इसके लिए कांटे या छुरी की जरूरत नहीं होती थी। और इसमें मनचाही स्टफिंग भरी जा सकती थी। कहा जाता है कि ब्रिटिश स्टेटमैन जॉन मोंटेगु ने सैंडविच की शुरुआत की। वे ताश खेलते समय दो टोस्ट के बीच मनचाही स्टफिंग लगाकर खाना पसंद करते थे।
जिससे उनके ताश गंदे न हों और खेल भी नहीं रुके। मोंटेगु सैंडविच नामक जगह के चौथे अर्ल थे, जो साउथ ईस्ट इंग्लैंड में है। बस वहीं से इसे नाम मिला सैंडविच। धीरे—धीरे इसे ट्रैवलिंग, ब्रेकफास्ट आदि में शामिल किया जाने लगा और यह हर घर की पसंद बन गया। जॉन मोंटेगु का जन्म 3 नवंबर, 1718 को हुआ था। उन्हीं के सम्मान में नेशनल सैंडविच डे मनाया जाता है।
सैंडविच खाएं पर संभल कर
सैंडविच आज हर किसी की पसंद है। लेकिन इसे खाते समय इसकी कैलोरी का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। सैंडविच जब भी खाएं वीट ब्रेड में खाएं। व्हाइट ब्रेड अवोइड करें। एक सैंडविच में करीब 252 कैलोरी होती हैं। ऐसे में इसे खाने से पहले एक बार सोच लें। कोशिश करें कि इसमें ऐसी वेजिटेब्लस की स्टफिंग करें जो सेहत के लिए अच्छी हो।
