Munawwar Rana Shayari on Maa: मां वो पवित्र शब्द है, जो हर दिल में बसता है। वह अपने बच्चों के लिए एक छत, एक आसमान और एक पूरी दुनिया होती है। मां की ममता अनंत है जो हर दर्द को चुपके से सह लेती है। उसके आलिंगन में सारी थकान मिट जाती है और उसकी मुस्कान जीवन को रोशनी से भर देती है। मां वो पहली शिक्षक है, जो हमें जीवन के मूल्य सिखाती है। उसके बलिदान और प्रेम की कोई सीमा नहीं होती। मां की दुआएं हमें हर मुश्किल से बचाती हैं। मां के बिना जीवन की कल्पना भी अधूरी है। मशहूर शायर मुनव्वर राना ने धरती पर भगवान का दर्जा प्राप्त इसी मां पर कई बेहतरीन शेर लिखे हैं। आइए पढ़ते हैं मां पर मुनव्वर राना के कुछ मशहूर शेर:
Munawwar Rana Shayari on Maa in Hindi ( मुनव्वर राणा की शायरी मां पर)
Munnawar Rana Maa Shayari in Hindi
1. चलती फिरती हुई आंखों से अज़ां देखी है
मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है
2. किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आई
मैं घर में सब से छोटा था मिरे हिस्से में माँ आई
3. इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है
मां बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है
4. बर्बाद कर दिया हमें परदेस ने मगर
मां सब से कह रही है कि बेटा मज़े में है
Munawwar Rana Shayari on Maa in Hindi
5. जब भी कश्ती मिरी सैलाब में आ जाती है
मां दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है
6. अभी ज़िंदा है मां मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा
मैं घर से जब निकलता हूं दुआ भी साथ चलती है
7. तेरे दामन में सितारे हैं तो होंगे ऐ फ़लक
मुझ को अपनी मां की मैली ओढ़नी अच्छी लगी
8. मुख़्तसर होते हुए भी ज़िंदगी बढ़ जाएगी
माँ की आंखें चूम लीजे रौशनी बढ़ जाएगी
Munawwar Rana ki Shayari maa ke upar
9. ये सोच के मां बाप की ख़िदमत में लगा हूँ
इस पेड़ का साया मिरे बच्चों को मिलेगा
10. मुनव्वर मां के आगे यूं कभी खुल कर नहीं रोना
जहां बुनियाद हो इतनी नमी अच्छी नहीं होती
11. हंसते हुए मां-बाप की गाली नहीं खाते
बच्चे हैं तो क्यूं शौक़ से मिट्टी नहीं खाते
बता दें कि मां पर मुनव्वर राना की शायरी काफी पसंद की जाती है। इस बार मदर्स डे (Mother's Day 2025) के मौके पर आप ये बेहतरीन शेर अपनी मां को समर्पित कर सकते हैं।
