पेरेंटिंग की कोई किताब नहीं सिखा सकती ये बातें, अपने अनुभव से सीखते हैं पेरेंट्स

Paremting: पेरेंटिंग में कोई अंतिम परीक्षा नहीं होती और न ही कोई ऐसा दिन आता है, जब आप कह सकें कि अब सब सीख लिया। हर उम्र के साथ बच्चे बदलते हैं और माता-पिता भी।

Parenting: बच्चे के जन्म के साथ ही माता-पिता का भी जन्म होता है। इसके साथ शुरू होती है सही परवरिश की चुनौती। आज बाजार में पेरेंटिंग पर सैकड़ों किताबें हैं। इंटरनेट पर हजारों वीडियो और एक्सपर्ट्स की सलाह भी मिल जाती है। फिर भी परवरिश का सही मतलब अनुभव से ही समझ आता है। समय के साथ माता-पिता कुछ ऐसी बातें सीखते हैं, जो किसी गाइडबुक में नहीं लिखी होतीं:

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अपने अनुभव से कौन सी बातें सीखते हैं पेरेंट्स (Photo: iStock)

प्यार बराबर होता है, एक जैसा नहीं

अगर घर में दो या उससे ज्यादा बच्चे हैं, तो माता-पिता जल्दी समझ जाते हैं कि हर बच्चे की जरूरतें अलग होती हैं। किसी बच्चे को ज्यादा समय चाहिए, किसी को ज्यादा भरोसा और किसी को ज्यादा भावनात्मक सहारा। इसीलिए प्यार जताने का तरीका अलग होता है।

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