Nikita Porwal Miss World 2026: भारत की ओर से Miss World 2026 के मंच पर उतरीं निकिता पोरवाल मिस वर्ल्ड का ताज अपने नाम नहीं कर पाई हैं। टॉप 40 में जगह बनाने के बाद उनका सफर टॉप 20 तक नहीं पहुंच सका। इसके साथ ही भारत की ओर से खिताब जीतने की उम्मीद भी इस साल खत्म हो गई है। लेकिन उनका सफर कई मायनों में बेहद खास रहा है। दुनिया के अलग-अलग देशों से आई खूबसूरत और प्रतिभाशाली प्रतियोगियों के बीच निकिता ने अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने सिर्फ अपनी खूबसूरती और स्टाइल से ही नहीं, बल्कि अपनी कला, भारतीय संस्कृति और समाज के लिए किए जा रहे कामों के जरिए भी लोगों का ध्यान खींचा।
निकिता पोरवाल मिस वर्ल्ड का ताज नहीं जीत पाईं (फोटो: AI)
अंतरराष्ट्रीय मंच पर निकिता की मौजूदगी सिर्फ एक प्रतियोगी के तौर पर नहीं, बल्कि भारत की कला और संस्कृति की प्रतिनिधि के रूप में नजर आई। उन्होंने इस प्रतियोगिता को सिर्फ एक ब्यूटी पेजेंट की तरह नहीं देखा। उनके पीछे थिएटर का लंबा अनुभव है, भारतीय संस्कृति से गहरा जुड़ाव है और समाज के लिए काम करने की सोच भी है जिसने लोगों को खासा आकर्षित किया।
टॉप 40 में बनाई थी जगह
Miss World 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहीं निकिता ने टॉप 40 तक का सफर तय किया। इसके बाद जब टॉप 20 की घोषणा हुई तो उनका नाम इसमें शामिल नहीं था। इस तरह उनका मिस वर्ल्ड का सफर समाप्त हुआ। मिस इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ने भी सोशल मीडिया पर निकिता की यात्रा को लेकर पोस्ट शेयर की और उनके प्रदर्शन की तारीफ की। संगठन ने कहा कि निकिता ने भारत को पूरी गरिमा, आत्मविश्वास और दिल से रिप्रेजेंट किया। भले ही वह क्राउन तक नहीं पहुंच सकीं, लेकिन भारत का लगातार कई संस्करणों में आगे बढ़ना अपने आप में एक खास उपलब्धि है।
एक्टिंग और थिएटर से जुड़ा रहा है निकिता का सफर
निकिता पोरवाल का बैकग्राउंड उन्हें बाकी प्रतियोगियों से थोड़ा अलग बनाता है। उज्जैन में जन्मीं निकिता मॉडलिंग के साथ-साथ एक्टिंग और थिएटर से भी जुड़ी रही हैं। उन्होंने कई थिएटर प्रोडक्शंस में काम किया है और बताया जाता है कि 60 से ज्यादा नाटकों का हिस्सा रह चुकी हैं। वह सिर्फ एक कलाकार ही नहीं, बल्कि नाटक लिखने और थिएटर प्रोडक्शन से जुड़े क्रिएटिव काम में भी सक्रिय रही हैं।
Project MAATI से जुड़ा सामाजिक काम
निकिता ने मिस वर्ल्ड के दौरान अपने सामाजिक सरोकार को भी सामने रखा। उनकी Beauty With a Purpose पहल का नाम Project MAATI था। इस प्रोजेक्ट के जरिए उन्होंने मध्य प्रदेश और ओडिशा के आदिवासी समुदायों से जुड़े मुद्दों पर काम करने की कोशिश की। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल और रोजगार के अवसर जैसे विषय शामिल रहे। इस पहल के तहत जरूरतमंद परिवारों तक पानी साफ करने वाले फिल्टर और पोषण से जुड़ी जरूरी चीजें पहुंचाने जैसे प्रयास भी किए गए। साथ ही आदिवासी युवाओं की पढ़ाई और उनके लिए स्किल और रोजगार से जुड़े अवसरों को लेकर जागरूकता पर भी जोर दिया गया।
ताज नहीं मिला, लेकिन कहानी अधूरी नहीं है
मिस वर्ल्ड 2026 का ताज निकिता पोरवाल के सिर नहीं सजा, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उनका सफर बेअसर रहा। टॉप 40 तक पहुंचने के साथ उन्होंने दुनिया के सामने भारत की कला, संस्कृति और सामाजिक सोच की एक अलग तस्वीर पेश की। थिएटर से लेकर फैशन तक और सामाजिक काम से लेकर भारतीय संस्कृति तक, निकिता की पूरी यात्रा कई रंगों से भरी रही। शायद यही वजह है कि उनका मिस वर्ल्ड सफर सिर्फ नतीजे के आधार पर याद नहीं किया जाएगा।
