आज का सुविचार 16 दिसंबर 2025 (Good thought for the day): अगर आपके दिन की शुरुआत किसी अच्छे और सकारात्मक ख्याल के साथ हो, तो बेशक ही पूरा दिन बेहतरीन गुजरता है। ऐसे में हम लेकर आए है, आपके लिए आज का सुविचार जो आपका दिन बना देगा। सफल और खुशहाल जीवन से जुड़ा महात्मा गांधी का ये कथन, बेशक ही आपका भी जीवन बदलकर रख देगा। जीवन जीने का सही सलीका ही, हर सुबह उठने का एक कारण, हर संघर्ष का एक उद्देश्य, और हर छोटी-बड़ी जीत की नींव बनता है। तो अगर आप भी जीवन में कुछ करना चाहते हैं, तो आपको भी गांधी जी के इस सुप्रसिद्ध कथन से जीने से ये खास कला सीख लेनी चाहिए।
हमें इस तरह जीना चाहिए, जैसे हम कल ही मरने वाले हैं, हमें इस तरह सीखना चाहिए, जैसे हम वर्षों जीवित रहने वाले हैं।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा कही गई ये बात.. केवल प्रेरणा का स्रोत नहीं है, बल्कि जीवन में लक्ष्य निर्धारण और उसकी प्राप्ति का मंत्र भी है। यहां देखें विस्तार से आखिर इस कथन का अर्थ क्या है और आप कैसे इसे अपने जीवन में शामिल करके, सफलता की राह में आगे बढ़ सकते हैं।
महात्मा गांधी ने ऐसा क्यों कहा
महात्मा गांधी के इस सुप्रसिद्ध कथन को समझना जीवन में बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है। इस साधारण से कथन का यही अर्थ है कि, आपकी जिंदगी केवल ये आज और अभी वाला पल ही है। वहीं आपको जीवन के हर मोड़ पर कुछ न कुछ सीखने की ललक होनी चाहिए। जीवन को पूर्ण रूप से जीना और कुछ न कुछ सीखते रहना। दोनों ही सफल और खुशहाल जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। दोनों ही स्थितियों में आपको उस क्षण का सम्मान करना है।
महात्मा गांधी के मोटिवेशनल कोट्स | Mahatma Gandhi Motivational Quotes
1. आजादी का कोई अर्थ नहीं है यदि इसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हों
2. डर शरीर का रोग नहीं है, यह आत्मा को मारता है।
3. उफनते तूफ़ान को मात देना है तो अधिक जोखिम उठाते हुए हमें पूरी शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा।
4. ऐसे जिएं कि जैसे आपको कल मरना है और सीखें ऐसे जैसे आपको हमेशा जीवित रहना है ।
5. आंख के बदले आंख पूरे विश्व को अंधा बना देगी।
6. किसी भी स्वाभिमानी व्यक्ति के लिए सोने की बेड़ियां, लोहे की बेड़ियों से कम कठोर नहीं होगी। चुभन धातु में नहीं वरन् बेड़ियों में होती है।
7. गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती। वह तो केवल अपनी ख़ुशबू बिखेरता है। उसकी ख़ुशबू ही उसका संदेश है।
8. निःशस्त्र अहिंसा की शक्ति किसी भी परिस्थिति में सशस्त्र शक्ति से सर्वश्रेष्ठ होगी।
9. स्वतंत्रता एक जन्म की भांति है। जब तक हम पूर्णतः स्वतंत्र नहीं हो जाते तब तक हम परतंत्र ही रहेंगे ।
10. क्रूरता का उत्तर क्रूरता से देने का अर्थ अपने नैतिक व बौद्धिक पतन को स्वीकार करना है।
