LGBTQ+ आखिर है क्या? जिस पहचान को लेकर बदल रही है सोच, RSS प्रमुख ने बताया समाज का अभिन्न हिस्सा, आसान भाषा में समझिए

LGBTQ+ सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि अलग-अलग लैंगिक पहचान और यौन रुझान वाले लोगों की पहचान का सम्मान है। समाज में इसे लेकर सोच धीरे-धीरे बदल रही है और अब खुलकर स्वीकार्यता की बातें भी सामने आ रही हैं।

कुछ शब्द ऐसे होते हैं जो सुनने में छोटे लगते हैं, लेकिन उनके पीछे एक पूरी दुनिया छिपी होती है। आज के दौर में LGBTQ+ भी एक ऐसा ही एक शब्द है। पहले इस विषय पर चर्चा सिर्फ कुछ खास मंचों तक सीमित थी, लेकिन अब यह रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बनता जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस विषय पर अब समाज के अलग-अलग वर्ग खुलकर अपनी राय रख रहे हैं।

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