Kya bacchon ko chai deni chahi: हम भारतीयों की लाइफ में चाय बहुत खास जगह रखती है। सुबह की शुरुआत हो या दोस्तों के साथ गपशप, चाय अक्सर हर मौके पर शामिल रहती है। लेकिन कई बार यही आदत हम अनजाने में बच्चों तक भी पहुंचा देते हैं। कुछ माता-पिता बच्चों को दूध में थोड़ी चाय मिलाकर दे देते हैं, ताकि बच्चा आसानी से पी ले। हेल्थ इन्फ्लूएंसर और भारत के जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. इमरान पटेल का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए चाय सही विकल्प नहीं है। चाय में मौजूद कुछ तत्व बच्चों की मेंटल और फिजिकल ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं, इसलिए इस आदत को समझना जरूरी है।
बच्चों को क्यों न पिलाएं चाय (PC- AI)
कैफीन बच्चों को बना सकता है ज्यादा चिड़चिड़ा
डॉ. इमरान पटेल के अनुसार चाय में कैफीन पाया जाता है, जो बच्चों के दिमाग को ज्यादा स्टिमुलेट कर सकता है। इससे बच्चा जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो सकता है, जल्दी गुस्सा कर सकता है या चिड़चिड़ा महसूस कर सकता है। कई बार बच्चों का ध्यान पढ़ाई या खेल में ठीक से नहीं लग पाता। धीरे-धीरे बच्चे को चाय की आदत भी लग सकती है, जो आगे चलकर छोड़ना मुश्किल हो जाता है।
आयरन की कमी का खतरा बढ़ सकता है
ज्यादातर लोग नहीं जानते कि चाय में टैनिन नाम का एक तत्व होता है, जो खाने से मिलने वाले आयरन को शरीर में सही तरह से अवशोषित नहीं होने देता। आयरन बच्चों की ग्रोथ और दिमाग के विकास के लिए बहुत जरूरी होता है। अगर शरीर में आयरन की कमी हो जाए, तो कमजोरी, थकान और सुस्ती जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
दूध में चाय मिलाकर देना सही नहीं
कई घरों में बच्चों को दूध में थोड़ी चाय मिलाकर दी जाती है, ताकि बच्चा स्वाद बदलने की वजह से दूध पी ले। लेकिन ऐसा करने से दूध के पोषक तत्वों का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। इसके साथ ही बच्चे को कम उम्र में कैफीन की आदत लगने का खतरा भी बढ़ जाता है। बोतल में चाय देना इस आदत को और मजबूत बना सकता है।
कम उम्र में लग सकती है चाय की लत
कैफीन को आदत बनाने वाला तत्व माना जाता है। अगर बच्चे को शुरुआत से ही चाय दी जाए, तो आगे चलकर वह बार-बार चाय मांग सकता है। इससे उसकी नींद पर असर पड़ सकता है और बच्चा जल्दी थक सकता है। नींद पूरी न होने से बच्चों की ग्रोथ भी प्रभावित हो सकती है।
5 साल से कम उम्र के बच्चों को चाय से रखें दूर
डॉ. इमरान पटेल सलाह देते हैं कि 5 साल से कम उम्र के बच्चों को चाय बिल्कुल नहीं देनी चाहिए। अगर बच्चे घर में बार-बार किसी को चाय पीते देखते हैं, तो वह भी इसे पीने की जिद कर सकते हैं। बेहतर है कि बच्चों को दूध, सूप या हेल्दी ड्रिंक्स की आदत डाली जाए, ताकि उनकी सेहत बेहतर बनी रहे।
गांठ बांध लें डॉक्टर की ये सलाह
डॉ. इमरान की राय में चाय बड़ों के लिए आम पेय हो सकती है, लेकिन बच्चों के लिए यह अच्छी आदत नहीं मानी जाती। सही खानपान और हेल्दी ड्रिंक्स बच्चों की शारीरिक और मानसिक ग्रोथ को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। इसलिए बच्चों की डाइट में चाय की जगह पौष्टिक चीजें शामिल करना ज्यादा फायदेमंद है।
