How to make Kuttu ke Atte Ki Poori: नवरात्र में माता रानी के कई भक्त पूरे 9 दिनों तक व्रत रखते हैं। इन दिनों में लोगों के लिए सही खान-पान बेहद जरूरी होता है। दिन में कम से कम एक बार ठीक से फलाहारी भोजन करना चाहिए। व्रत के खाने में कुट्टू का आटा शामिल होता है जिससे कई तरह की डिशेज बनती हैं। लेकिन नवरात्र व्रत के खाने में कुट्टू की पूरी और आलू की सब्जी का चाव सभी को होता है। अगर आप ठीक से कुट्टू की पूरी नहीं बना पा रहे हैं तो यहां देखें इसे बनाने का तरीका। इस तरह बनाई गई पूड़ी को आप आराम से टिफिन में भी कैरी कर सकते हैं।
कुट्टू की पूरियां बनाने की रेसिपी (Pic: iStock)
कुट्टू की पूरी बनाने के सामग्री
- 1 कप कुट्टू का आटा
- 1 उबला आलू
- 1/2 चम्मच काली मिर्च(कूटी हुई)
- सेंधा नमक स्वादानुसार
- तेल पर्याप्त तलने के लिए
- पानी आवश्यकतानुसार
कुट्टू की पूरियां बनाने की रेसिपी
1. कुट्टू के आटे की पूरियां बनाने के लिए आटा गूंथने की प्रक्रिया सबसे जरूरी होता है। नरम और मुलायम पूरियां बनाने के लिए कुट्टू के आटे में उबला हुआ आलू मिलाना चाहिए।
2. एक उबला हुआ आलू लेकर उसे अच्छे से कद्दूकस करें और आटे में डाल दें।
3. इसके बाद जरूरत के हिसाब से पानी मिलाते हुए नरम आटा गूंथ लें। आप इसमें थोड़ा सा सेंधा नमक भी डाल सकते हैं।
4. ध्यान रखें कि इस आटे को ज्यादा देर तक न रखें, क्योंकि ज्यादा देर के लिए छोड़ने पर आटा पतला हो जाएगा और फिर पूरियां अच्छी नहीं बनेंगी।
5. अब गूंथे हुए आटे से छोटी-छोटी लोई बना लें। इन्हें बेलते समय हल्का सा सूखा कुट्टू का आटा लगाना न भूलें।
6. अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें और इन पूरियों को धीरे-धीरे फ्राई करें। इन्हें बिलकुल नॉर्मल पूरी जैसा ही सेंके।
7. इसी तरह सारी पूरियां बना लें। इन पूरियों को रखने के बाद भी ये पहले जैसी ही नरम रहेंगी।
व्रत वाली आलू की सब्जी बनाने की विधि
व्रत वाली आलू की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले आलू को उबाल लें। सब्जी में डालने के लिए टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया काट लें। अब कड़ाही में 1 चम्मच देसी घी डालें। इसमें जीरा डालकर हरी मिर्च डाल दें। इसके बाद कटे हुए टमाटर डालकर अच्छी तरह पकाएं। जब टमाटर नरम हो जाएं, तो इसमें मैश किए हुए आलू डाल दें और थोड़ा पानी मिलाकर सब्जी को पकने दें। जब 10 मिनट तक सब्जी पक जाए,तो ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें । और इसे गरमा-गरम कुट्टू के आटे की पूरियों के साथ परोसें।
यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।
