Kamla Nehru Birth Anniversary: हर साल 1 अगस्त को कमला नेहरू की जयंती मनाई जाती है। 1899 में दिल्ली में जन्मी कमला नेहरू,स्वतंत्रता संग्राम की एक प्रखर योद्धा थीं। उनकी सादगी, साहस और देशभक्ति ने उन्हें न केवल नेहरू परिवार में खास मुकाम दिलाया, बल्कि भारतीय महिलाओं को राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान, विशेष रूप से असहयोग आंदोलन और घायल सेनानियों के लिए स्थापित औषधालय (जो बाद में कमला नेहरू मेमोरियल अस्पताल बना) ने उनकी विरासत को अमर कर दिया।
कमला नेहरू जयंती (फोटो सोर्स: INC)
कमला नेहरू ने उस दौर में महिलाओं को एकजुट करने का काम किया, जब महिलाओं की सार्वजनिक जीवन में भागीदारी सीमित थी, और महिलाओं को स्वतंत्रता संग्राम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महिलाओं को संगठित कर ब्रिटिश शासन के खिलाफ प्रदर्शनों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया, जिससे महिलाओं में आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना जगी। उनकी यह पहल उस समय के रूढ़िगत समाज में एक क्रांतिकारी कदम था।
कमला नेहरू ने अपने कार्यों से यह साबित किया कि महिलाएं केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उनकी प्रेरणा से कई महिलाएं स्वतंत्रता संग्राम में और अधिक सक्रिय हुईं। कमला नेहरू ने बेटी इंदिरा को भी वे आंदोलन के प्रति प्रेरित करती थीं। इंदिरा ने बाद में अपनी मां के आदर्शों को अपनाते हुए भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कमला बेहद सादगी पसंद थीं। वह महंगे कपड़े या आभूषणों की बजाय खादी पहनती थीं और गांधीवादी सिद्धांतों को अपनाती थीं। उनकी संवेदनशीलता उन्हें समाज के गरीब और दबे-कुचले वर्गों के करीब लाती थी।
1916 में 16 साल की उम्र में उनकी शादी जवाहरलाल नेहरू से हुई। दोनों ने समय के साथ एक-दूसरे को समझा और स्वतंत्रता संग्राम में एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। कमला नेहरू ने न केवल अपने पति जवाहरलाल नेहरू का साथ दिया, बल्कि स्वयं एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के रूप में अपनी पहचान भी बनाई। उनकी सादगी, दृढ़ता और देशभक्ति ने उन्हें राष्ट्रीय आंदोलन में एक आदर्श महिला नेतृत्व के रूप में स्थापित किया।
कमला नेहरू को (टीबी) की बीमारी थी, जिसके कारण उनका स्वास्थ्य हमेशा कमजोर रहा। उन्होंने स्विट्जरलैंड और जर्मनी में इलाज करवाया, लेकिन 1936 में मात्र 36 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।
(इनपुट- आईएएनएस)
