Akhand Jyoti Kaise Banate Hain: हिंदू धर्म में नवरात्रि का खास महत्व है। इन 9 दिनों में माता के भक्त उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही 9 दिनों का व्रत भी किया जाता है। वहीं, कई भक्त अपनी मन्नत या संकल्प को पूजा करने के लिए कलश बिठाते हैं और अखंड ज्योत भी जाते हैं। अखंड ज्योति को न जलाना आसान है और ना ही 9 दिनों तक संभालना। अखंड ज्योत का बुझना अशुभ माना जाता है। अगर कोई व्यक्ति पूजा स्थान में कुछ संकल्प लेकर अखंड ज्योत जलाता है तो वह ज्योत तब तक जलनी चाहिए, जब तक कि उसका संकल्प पूरा ना हो। नवरात्रि के दिनों में अखंड ज्योत 9 दिन तक जलती है, जिसके बाद इसे नदी या तालाब में विसर्जित कर दिया जाता है। आपको बता दें कि जिस तरह अखंड ज्योत को जलाने के कुछ खास नियम और तरीके हैं, ठीक वैसे ही अखंड ज्योत बनाने के भी अपने ही तरीके हैं। अगर इसे सही तरीके से बनाया जाए तो 9 दिनों तक दीपक बुझेगा नहीं। आइये जानते हैं कि अखंड ज्योत कैसे बनाते हैं और इसे कैसे लंबे समय तक जलाए रखा जा सकता है।
ऐसे बनाएं अखंड ज्योत की बाती, तो 9 दिनों तक नहीं बुझेगा दीपक-
अखंड ज्योति की बाती को रक्षासूत्र यानी कलावा से ही बनाना चाहिए। कलावा से अखंड ज्योत की बत्ती बनाने के लिए 1 मीटर धागा लेना है। क्योंकि 9 दिन के बीच में अखंड ज्योत बुझनी नहीं चाहिए तो इसके लिए धागा 1 मीटर के कम न लें।
बत्ती बनाने के लिए धागे के एक सिरे को पकड़ें और दूसरे सिरे को पकड़कर इसे मोड़े। ऐसा करने से इस बत्ती में बल आएगा। इस प्रोसेस को बटना कहते हैं। जितना ज्यादा आप बल खिलाते हैं, उतनी अच्छी बत्ती बनती है।
इसके बाद आपको दोनों सिरों को मिलाना है। ऐसा करते हुए बीच में उंगली रखें। और इसे फिर से घुमाएं। ऐसा करते ही एक मोटी और मजबूत बत्ती बन जाएगी।
बात करें दीपक की तो आपको अखंड ज्योत के लिए हुक वाला दीया ही लेना चाहिए। 9 दिनों तक इसमें बत्ती आराम से चलती है। अगर बत्ती कम पड़ जाए तो आपको बत्ती के आखिर का सिरा खोलकर उसमें दूसरी बत्ती को लपेट देना है।
ध्यान दें-
बत्ती और दीपक के अलावा आपको अखंड ज्योत न बुझे इसका भी ख्याल रखना होता है। इसके लिए सबसे बेहतर होगा अगर आप ज्योत को कांच की चिमनी से ढक दें। इससे हवा भी चले तो अखंड ज्योत की लौ नहीं बुझेगी।
