हाथों में नहीं है किसी का हाथ तो भी खूब निभाएं जिंदगी का साथ, सिंगल होने पर खुश रहने के ये तरीके आएंगे काम

यूं तो कहा जाता है कि जोड़ियां ऊपर वाले के यहां से बनकर आती हैं। लेकिन कुछ लोग फिर भी जीवन भर अकेला रहना पसंद करते हैं। हालांकि एक समय के बाद उनको अकेलापन सालता है तो जीवन में खुशी पाने के रास्ते भी कम उनको कम लगने लगते हैं। यहां जानें कि सिंगल होने पर कैसे खुश रहा जा सकता है।

How to be Happy: पहले का दौर था जब शादियां बहुत जल्दी कर दी जाती थीं। 20 का दशक आते ही मैच मेकिंग होती थी और दो अनजान लोग जन्मों के बंधन में बंध जाते थे। लेकिन तरक्की के साथ समाज बदला और जीवन साथी को लेकर समझ और चॉइस भी। अब तो बीस और तीस वर्ष की आयु के कई लोगों का अधिकतर समय खुद को जानने-समझने और एक व्यस्क के तौर पर अपनी जीवनशैली तय करने में निकल जाता है। इस दौरान समाज अकसर उन्हें प्यार की तलाश करने, स्थायित्व हासिल करने और परिवार शुरू करने के बारे में बताता है। इन पहलुओं को आज भी मोटे तौर पर वयस्कता और सफलता के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है।

How to be Happy

सिंगल हैं तो भी खुश रहना सीखें

लेकिन 20 और 30 वर्ष की आयु में अकेले रहने वाले व्यक्तियों की बढ़ती संख्या के लिहाज से इसका क्या मतलब है? कनाडा में हुए एक स्टडी बताती है कि सिंगल रहने वाले लोगों का काउंट पर तेजी से बढ़ रहा है। ये आंकड़ा पर भारत में भी कम नहीं है। अब यह बात और है कि इन बदलते रुझानों के बावजूद, सांस्कृतिक नजरिया रोमांटिक रिश्तों को आदर्श मानने के इर्द-गिर्द रहता है।

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