Holika Dahan in Phalain Gaon: ब्रज की होली विश्व प्रसिद्ध है। होली पर पूरी दुनिया के नजारे एक तरफ और ब्रज के नजारे एक तरफ। ब्रजभूमि की विश्वप्रसिद्ध होली में एक अद्भुत और चमत्कारिक क्षण आता है। जिसमें फालैन गांव का पंडा भक्त प्रह्लाद की शक्ति को स्वयं में समाहित कर जलती हुई होली को पार करता है।
फालैन गांव में आज भी राजा हिरण्यकश्यप और उसके बेटे भक्त प्रहलाद की होलिका दहन की परंपरा निभाई जाती है। ब्रज धाम में कोसी कलां के पास फालैन गांव में वर्षों से अनोखी परंपरा चली आ रही है। इस गांव में धधकती होलिका के बीच से पंडा निकलता है। फालैन गांव को भक्त प्रहलाद की नगरी भी कहा जाता है। यहां हर साल होलिका दहन के दिन होली की धधकती आग से मोनू पंडा (Monu Panda) निकलता है, इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं।
गांव फालैन में होलिका के जलते हुए अंगारों पर चलकर होली मनाता पंडा ..ब्रजभूमि की विश्वप्रसिद्ध होली में एक अद्भुत… t.co/hNvo9dfG2H
— ANI (@ANI) Mar 9, 2023
इस बार भी मोनू पंडा धधकती होलिका और भस्म कर देने वाली लपटों के बीच से निकला। साल 2023 के इस नजारे का वीडियो सामने आ गया है। वीडियो देख आपकी रूह कांप जाएगी। उत्तर प्रदेश पर्यटन ने अपने ट्विटर अकाउंट पर बाकायदा वीडियो साझा किया है जिसमें मोनू पंडा को होलिका से गुजरते हुए देखा जा सकता है।
ये है परंपरा
फालैन गांव के एक पंडा को स्वप्न आया कि डूंगर के पेड़ के नीचे एक मूर्ति है। जब यहां खुदाई शुरू हुई तो यहां भगवान नृसिंह और भक्त प्रहलाद की मूर्ति निकली। उसके बाद यहां भगवान नृसिंह और भक्त प्रहलाद का मंदिर बनाया गया। जब पूजा हुई तो लोगों को माला पहनाई गई। इस माला को पहनकर गांव के लोग आग से बचे। उसके बाद ये यही परंपरा है। होली के एक महीने पहले ही पंडा का चयन किया जाता है।
