Guru Tegh Bahadur Teachings: आज सिखों के नौवें गुरु, गुरु तेग बहादुर (Guru Tegh Bahadur) का शहीदी दिवस है। साल 1675 में मुगल सम्राट औरंगजेब के आदेश पर गुरु तेग बहादुर को फांसी दे दी गई थी। हर साल 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर के सम्मान में शहीदी दिवस मनाकर उन्हें सम्मानित किया जाता है। उनकी शहादत पौराणिक बनी हुई है। गुरु तेग बहादुर सिंह ने गुरु नानक देव की शिक्षाओं का प्रचार करते हुए देशभर में यात्रा की थी। उन्हें हिंदू 'हिंद की चादर' कहते हैं। आज शहीदी दिवस (Shaheedi Diwas 2023) के मौके पर हम आपके साथ उनकी कुछ शिक्षाएं (Guru Tegh Bahadur Teachings) शेयर कर रहे हैं, जो आपके बड़े काम आएगी।
Guru Tegh Bahadur Teachings: गुरु तेग बहादुर की 6 शिक्षाएं।
गुरु तेग बहादुर की शिक्षाएं (Guru Tegh Bahadur Teachings)
1. गुरु तेग बहादुर ने दुख और सुख के प्रति उदासीन रहने, चापलूसी और आरोप जैसी बुराइयों और अन्य सभी सांसारिक सुखों से छुटकारा पाने के लिए दृढ़ विश्वास का उपदेश दिया। जब कोई व्यक्ति आत्म-नियंत्रण की कला में महारत हासिल कर लेता है तो वह वास्तव में आध्यात्मिक हो सकता है।
2. गुरु तेग बहादुर ने सर्वशक्तिमान की सर्वव्यापकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान हमारे भीतर रहते हैं, और उनसे जुड़ने के लिए व्यक्ति को केवल अपने भीतर देखने की जरूरत है। उन्होंने उपदेश दिया कि ब्रह्मांड का प्रतीक, ओम हर जगह है, तुम्हारे अंदर, तुम्हारे बाहर, मेरे अंदर और मेरे बाहर।
3. गुरु तेग बहादुर ने अपने अनुयायियों को शांति के मार्ग पर अग्रसर किया। गुरु तेग बहादुर ने दुनिया को अपने जीवन से संतुष्ट रहना सिखाया, क्योंकि दुनिया में सब कुछ "नानक का कार्य" है। उन्होंने प्रत्येक जीवन-स्थिति के साथ शांति बनाकर जीवन मुक्ति प्राप्त करने का विचार फैलाया।
4. गुरु गुरु तेग बहादुर ने अपने अनुयायियों को मानव पीड़ा के पीछे का असली कारण बताया। निराशा और दुख के समय में ही व्यक्ति को सांसारिक सुखों की क्षणिक प्रकृति देखने को मिलती है, और केवल तभी वह जीवन में बड़ी चीजों को महत्व देना सीख सकता है।
5. गुरु तेग बहादुर कमजोरों के दयालु रक्षक थे और उन्होंने यही उपदेश दिया था। उन्होंने अपने शिष्यों को सिखाया कि उन लोगों की रक्षा करें जिन्हें सुरक्षा की आवश्यकता है, भले ही इसके लिए अपनी जान की कीमत ही क्यों न चुकानी पड़े।
6. गुरु तेग बहादुर ने अपने शिष्यों को लालच, इच्छा, अहंकार और दर्द पर काबू पाने की शिक्षा देकर देवत्व का मार्ग दिखाया।
