Guru Gobind Singh Jayanti 2023 Quotes: गुरु गोबिंद सिंह के ये है अनमोल विचार, जीवन में ला सकते हैं सकारात्मक बदलाव

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Jan 20, 2023, 07:01 AM IST

Guru Gobind Singh Jayanti 2023 Quotes: सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह उत्पीड़न और भेदभाव के खिलाफ खड़े हुए और इसलिए लोगों के लिए एक महान प्रेरणा का स्त्रोत बने। उनके विचार समाज में परिवर्तन लाने के लिए काफी हैं।

Guru Gobind Singh Jayanti 2023 Quotes: सिखों के 10वें गुरु गोबिंद सिंह का जन्म बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उस दौरान पौष माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि थी। यह दिन मुख्य रूप से सिख समुदाय के भीतर पूरे भारत में मनाया जाता है। उन्होंने सामाजिक समानता का पुरजोर समर्थन किया। वह उत्पीड़न और भेदभाव के खिलाफ खड़े हुए और इसलिए लोगों के लिए एक महान प्रेरणा का स्त्रोत बने। उन्‍होंने खालसा पंथ की स्थापना की थी। यही नहीं उन्‍होंने गुरु ग्रंथ साहिब को पूर्ण भी किया था। आज इस खास दिन पर हम आपको बता रहे हैं गुरु गोबिंद सिंह के वो 10 उपदेश, जिन्हें हर किसी को अपने जीवन में उतारना चाहिए।

Guru Gobind Singh Jayanti 2023 Quotes: गुरु गोबिंद सिंह के ये है अनमोल विचार, जीवन में ला सकते हैं सकारात्मक बदलाव

गुरू गोविंद सिंह के प्रेरक विचार

  • मेरी बात सुनो जो लोग दुसरे से प्रेम करते है वही लोग प्रभु को महसूस कर सकते है। उन्ही लोगो का जीवन पूर्ण है जिनके अंदर भगवान के नाम की महसूस करते है।
  • अगर आप केवल अपने भविष्य के ही विषय में सोचते रहें तो आप अपने वर्तमान को भी खो देंगे।
  • 'दसवंड देना'- इसका मतलब है हर व्यक्ति को अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दान में दे देना चाहिए।
  • जब आप अपने अन्दर बैठे अहंकार को मिटा देंगे, तभी आपको वास्तविक शांति की प्राप्त होगी।
  • 'कम करन विच दरीदार नहीं करना', अर्थात् व्यक्ति को अपने काम में खूब मेहनत करनी चाहिए। काम को लेकर कोताही कभी भी नहीं बरतनी चाहिए।
  • दूसरे की निंदा करना, उससे द्वेष रखना गलत है. अपनी मेहनत पर विश्वास करें।
  • गुरु गोबिंद सिंह जी का मानना था कि हर मनुष्य का जन्म अच्छे कर्मों के लिए हुआ है. उसे बुरे कर्मों से दूर ही रहना चाहिए।
  • निर्बल पर कभी अपनी तलवार चलाने के लिए उतावले मत होईये, वरना विधाता आप का ही खून बहायेगा।

देशभर में होते हैं कार्यक्रम

उनकी जयंती पर हल साल उनके भक्त इकट्ठा होते हैं और आशीर्वाद के लिए गुरुद्वारों में प्रार्थना सभा तथा बड़ी सभाओं का आयोजन किया जाता है। पंजाब के स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना करने और पवित्र सरोवर में डुबकी लगाने के लिए लोग आते हैं। वहीं पटना साहिब गुरुद्वारे में कई कार्यक्रम होते हैं।

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