नवरात्रि के चौथे-पांचवे दिन की हार्दिक शुभकामनाएं (Navratri Day 4 and 5 navratri ki wishes): नवरात्रि के पवित्र नौ दिनों में से चौथे दिन मां कुष्मांडा तो पांचवे दिन पर माँ स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि माँ स्कंदमाता भक्तों को मोक्ष का मार्ग दिखाती हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। माँ स्कंदमाता को 'स्कंद' यानी भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में जाना जाता है। इनकी उपासना से भक्त को सांसारिक बंधनों से मुक्ति मिलती है और आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान कार्तिकेय की भी पूजा का विधान है। ऐसे में अगर आप भी अपने अपनों के साथ इस दिन की बधाई बांटना चाहते हैं। तो नवरात्रि के पांचवें दिन की शुभकामनाएं ऐसे खास अंदाज में भेज सकते हैं। देखें मां स्कंदमाता के मंत्र, शायरी, गुड मॉर्निंग विशेज, नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।
Navratri Day 4 Wishes in Hindi
- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्मांडायै नम:
- नवरात्रि के चौथे दिन की हार्दिक शुभकामनाएं!
- कमल पर विराजे माँ कुष्मांडा की ज्योत,
सुप्रभात! इस पावन सुबह में,
माँ आपके जीवन में भर दें अनंत प्रकाश।
- देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
Navratri Day 5 Wishes in Hindi, नवरात्रि डे 5 विशेज इन हिंदी
1. माँ स्कंदमाता की कृपा बनी रहे,
जीवन में सुख-शांति की वर्षा होती रहे।
पांचवें दिन की शुभकामनाएं!
2. सुबह का सूरज लाया, माँ स्कंदमाता का नाम,
हर दुख-दर्द को दूर करे, बढ़ाए आपकी शान।
गुड मॉर्निंग, नवरात्रि की शुभकामनाएं!
3. सुबह का सूरज लाया है माँ का पैगाम,
जीवन में बिखेरे खुशियों की बहार।
नवरात्रि के पांचवे दिन की शुभकामनाएं,
गुड मॉर्निंग, हो आप पर मेहरबान माँ की नज़र।
Maa SkandamataMantra, मां स्कंदमाता मंत्र
4. ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कन्दमातायै नमः॥
5. सुबह-सुबह करके सजदा, माँ का नाम ले लिया,
स्कंदमाता के चरणों में, दिल का अरमान ले लिया।
गुड मॉर्निंग
6. पाँचवें दिन की माँ हैं, स्कंद की माता कहलाती हैं,
जिसके घर में विराजती, वहाँ सुख-शांति आती हैं।
शुभ प्रभात, माँ का आशीर्वाद बना रहे!
7. सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥
Navratri Ke Panchve Din Ki Hardik Shubkamnaye, नवरात्रि के पांचवे दिन की हार्दिक शुभकामनाएं
8. सुबह की पहली किरण, लाए माँ का पैगाम,
पांचवे दिन की पूजा से, टल जाएंगे सब काम।
शुभ प्रभात, हैप्पी नवरात्रि!
9. माँ के हाथ में है स्कंद, ममता की मूरत हैं वो,
सुबह उठकर जो बोलें, वही बात होती है सो।
गुड मॉर्निंग, माँ का आशीष मिले आपको!
10. पंचमी तिथि को माँ ने, धारण किया यह श्रृंगार,
भक्त के सभी बंधन, कर देती हैं वार-वार।
शुभ सुबह, माँ की जय हो!
