Sugar types India Benefits Uses Best Choice: जॉनी के चीनी खाने की कहानी तो हम सभी बचपन से सुनते आ रहे हैं। हर पीढ़ी ने उसको खूब शुगर खाते देखा है और हा हा हा करते भी। लेकिन सवाल ये है कि उसने कौन से प्रकार की चीनी खाई थी। रिफाइंड, ब्राउन, खांड या फिर कोकोनट शुगर। कहीं उसने असल में जैगरी यानी गुड़ तो नहीं खाया था। अब कोई वहां जाकर तो ये देख नहीं सकता है लेकिन हम इस लेख में आपको ये जरूर बता रहे हैं कि बाजार में आपको कितनी तरह की चीनी मिलती है। कौन सी चीनी फायदेमंद है, किसको किस रेसिपी में यूज करना चाहिए, डेली कितनी चीनी खानी चाहिए, चीनी स्टोर करने का सही तरीका क्या है, नकली चीनी कैसे पहचानें, चीनी से होने वाले हेल्थ इशूज। और बोनस पॉइंट में चीनी से जुड़े मजेदार फैक्ट्स भी पढ़ डालें। और हां, सबसे जरूरी बात हमारे साथ हिडन चीनी के बारे में भी जानें।
देसी से मॉडर्न तक- चीनी की वैराइटी, प्रयोग, खतरे पर एक नजर (Pic: Canva)
चीनी का इतिहास कितना पुराना है, कभी थी 'सफेद सोना'
चीनी जो हमारे टेस्ट बड्स की जान बन गई है, के बारे में सबसे पहले जानें कि ये आई कहां से। प्राचीन भारत में चीनी की शुरुआत लगभग 500 ईसा पूर्व मानी जाती है। तब भी गन्ने के रस से चीनी बनाई जाती थी, गुड़ के साथ। संस्कृत में इसे शर्करा कहा जाता है। माना जाता है कि अंग्रेजी का शुगर शब्द यहीं से निकला है। ईसा पूर्व 327 में सिकंदर भारत आया तो उसने भी चीनी का स्वाद चखा। भारतीयों से ये कला फारसियों, फिर अरबों तक पहुंची।
11वीं सदी में चीनी यूरोप पहुंची। आपको यह जानकार ताज्जुब होगा कि आज आम मिलने वाली चीनी उस समय इतनी महंगी थी कि इसे सफेद सोना कहा जाता था। 18वीं-19वीं सदी में रिफाइंड सफेद चीनी का प्रोडक्शन बढ़ा और अब इसकी मिठास की पूरी दुनिया आदी हो चुकी है।
भारत में मिलने वाली चीनी की किस्में
सफेद सोने के फेज से निकल अब रिफाइंड शुगर आम हो चुकी है और इसी के साथ ही शुगर की अब कई वैराइटीज भी टेस्ट बड्स को लुभा रही हैं। इनमें देसी खांड, ब्राउन शुगर, मिश्री, गुड़ और चीनी के आधुनिक विकल्प कोकोनट शुगर, डेट शुगर और स्टीविया तक शामिल हैं।
कौन सी रेसिपी में कौन सी शुगर डालें
चीनी का काम खाने को मिठास और स्वाद देना है। लेकिन हर चीनी को आप हर तरह की कुकिंग और रेसिपीज में नहीं यूज कर सकते हैं। जाने-माने शेफ निशांत दुबे कहते हैं कि अलग-अलग रेसिपीज में चीनी को उसके फ्लेवर और रिएक्शन के आधार पर तैयार किया जाता है। अगर इसमें कोई चेंज किया जाता है तो वो उस रेसिपी का एडैप्शन या ट्विस्टेड टेस्ट कहलाता है। जैसे कि खीर में गुड़ डालने पर वो खीर तो है लेकिन गुड़ वाली। देखें किस रेसिपी में कौन सी चीनी का प्रयोग करना सही रहेगा -
हर चीनी का अलग होता है फ्लेवर
वैसे चीनी को लेकर जब हमने रिसर्च की तो एक दिलचस्प जानकारी सामने आई। वो थी कि हर तरह की चीनी की अपनी क्या खूबी है। जैसे कि शेफ निशांत ने बताया कि रेसिपीज में चीनी का चयन इसके प्रकार की खूबी या विशेषता के आधार पर ही किया जाता है। इसलिए अगर आप अपनी किचन में परफेक्ट रेसिपी बनाना चाहते हैं तो शेफ वाला ये ज्ञान भी आपके पास होना चाहिए। जैसे कि सफेद चीनी तेज मीठी होती है और जल्दी घुल जाती है। देसी खांड की मिठास इतनी तेज नहीं होती और ये कम प्रोसेस्ड होती है। ब्राउन शुगर का फ्लेवर भी आपको हल्का तपा महसूस होता है। आगे इस चार्ट से समझें कि चीनी और इसके प्रकार की क्या खूबी है।
अब समझें चीनी को यूज करने के टिप
हर चीनी का मिजाज अलग होता है तो इसे खाने को लेकर भी अलर्ट होने की जरूरत है। जैसे सफेद रिफाइंड चीनी हाई GI की वजह से कम प्रयोग में आती है। वहीं देसी खांड का प्रयोग आयुर्वेद में सही बताया गया है और कम प्रोसेस्ड होने की वजह से इसे सफेद चीनी का बेहतर विकल्प भी माना जाता है। चीनी को जब ताजगी के लिए यूज करना हो तो मिश्री लें। खासतौर पर गर्मी में।
एक नामी अस्पताल के साथ जुड़ीं डाइटिशियन श्वेता वर्मा ने बताया कि गर्मी में जहां मिश्री का प्रयोग अच्छा होता है, वहीं ठंड में गुड़ का सेवन लाभकारी रहता है। ब्राउन शुगर हल्की मीठी होती है लेकिन ये आपकी रिफाइंड शुगर का हेल्दी विकल्प कतई नहीं है। अगर डायबिटीज के मरीज हैं और चीनी की मिठास को एंजॉय करना चाहते हैं तो कोकोनट या डेट शुगर और स्टीविया बेहतर ऑप्शन हैं। लेकिन इनका सेवन भी लिमिट में होना चाहिए।
चीनी की शुद्धता कैसे जांचें
वैसे आप किसी भी प्रकार की चीनी ले आएं लेकिन ये तो पता होना ही चाहिए ना कि ये कितनी प्योर है। देखने में आया है कि रिफाइंड शुगर में सबसे ज्यादा मिलावट होती है। वहीं ब्राउन शुगर और गुड़ भी पूरी तरह शुद्ध नहीं होते। ऐसे में इनकी शुद्धता को जांचने के तरीके भी आपको पता होने चाहिए।
- सफेद रिफाइंड चीनी सफेदी के लिए ब्लीचिंग एजेंट और भारीपन कम करने को सिलिका या सूखा पाउडर मिला दिए जाते हैं। ध्यान दें कि अगर चीनी ज्यादा चमक रही होगी तो ये मिलावटी हो सकती है। वहीं साफ पानी में एक चम्मच चीनी मिलाकर देखें। अगर सतह पर सफेद परत तैरती है तो इसमें मिलावट हो सकती है।
- ब्राउन शुगर में सिरप मिलाकर ब्राउन किया जाता है। इसे पानी में घोलकर देखें। रंग छूट जाए तो समझ जाएं कि चीनी नकली है। वहीं अगली ब्राउन शुगर से आपको मीठी महक महसूस होगी। जबकि नकली चीनी केमिकल की स्मेल देगी या इससे कोई महक नहीं आएगी।
- गुड़ में भी इन दिनों चूना, डिटरजेंट और केमिकल मिला दिए जो हैं। परखने के लिए थोड़ा गुड़ पानी में डालें। शुद्ध गुड़ पानी में धीरे-धीरे घुलेगा। एकदम लाल चमकीला गुड़ सही नहीं होगा।
चीनी स्टोर करने का सही तरीका क्या है
मिलावटी चीनी से बचने के लिए ब्रांडेड और FSSAI सर्टिफाइड प्रोडक्ट लें। थोक के भाव सस्ती मिलने वाली चीनी से बचें। और जब इसे खरीद लाएं तो नमी, चीटियों आदि से बचाने के लिए चीनी को स्टोर करने का सही तरीका भी जान लें।
- चीनी को हमेशा हवा बंद डिब्बे में रखें ताकि नमी और गंध अंदर न जाए।
- धूप या गर्मी में रखने से चीनी में नमी और गुठलियां आ सकती हैं। इसे ठंडी, सूखी और छायादार जगह पर रखें।
- डिब्बे में 1-2 तेजपत्ता या लौंग रखने से चीनी में चींटियां और कीड़े नहीं आते।
- फ्रिज में चीनी स्टोर ना करें। ऐसा करने से चीनी नमी सोख सकती है और गठ्ठे बन सकते हैं।
- गुड़ या ब्राउन शुगर अगर जम गए हों तो माइक्रोवेव में 10 सेकंड गर्म करके फिर प्रयोग में लाएं।
डेली कितनी चीनी खानी चाहिए
परेल के Gleneagles अस्पताल में फिजिशियन और डायबेटॉलजिस्ट डॉ. आरती उल्लाल ने बताया कि हेल्दी अडल्ट के लिए रोजाना चीनी की सही डोज 25 ग्राम या 6 टीस्पून है। वहीं बच्चों में 15–20 ग्राम यानी 3–4 चम्मच। ऐसा न करने पर मोटापा, शुगर की बीमारी, स्लो मेटाबॉलिज्म, दांतों में सड़न आदि की समस्याएं शुरू हो जाती हैं। जो लोग डायबिटिक हैं या वेट लॉस कर रहे हैं वे किसी भी तरह की चीनी छोड़कर फल, खजूर, किशमिश जैसे प्राकृतिक सोर्स से ही शुगर की जरूरत पूरी करें।
Hidden Sugar क्या है, इसके क्या खतरे हैं
बातचीत में डॉ. आरती ने एक खास तरफ ध्यान खींचा। उनका कहना था कि इस अमाउंट पर हम में से अधिकतर लोग टिके रहते हैं लेकिन असली खतरा है हिडन शुगर यानी डाइट में छिपी चीनी से। उन्होंने बताया कि चीनी सिर्फ मीठी चीजों में नहीं होती बल्कि यह सॉस, ब्रेड, बिस्किट, नमकीन, पैक्ड फूड आदि में भी छिपी होती है और असली खतरा इसी शुगर के इनटेक से है। फल या दूध की नेचुरल मिठास परेशान नहीं करेगी लेकिन अगर आप नॉर्मल डाइट से इतर दिन में कुछ बिस्कुट, शेक, केक, नमकीन आदि खाते हैं तो आप अपनी सेहत को खतरे में डाल रहे हैं। इसलिए लेबल पढ़कर खरीदारी करें और हेल्दी विकल्प चुनें। अगर आपको किसी दिन इनमें से कुछ खाना पड़ता है तो बाकी शुगर सोर्स को डाइट से हटा दें। वरना मोटापा, फैटी लिवर और डायबिटीज जैसी बीमारियां जल्द ही आपको चपेट में ले लेंगी।
तो अगली बार जब आप मीठा खाएं या मीठे की क्रेविंग के ऑप्शन तलाशें तो इस लिंक को सेव करके जरूर चेक कर लें। वरना चीनी की मिठास बिगड़े रिश्तों की तरह बाद में अफसोस और कसैलापन छोड़ जाएगी। और हां ... इस बीच ये जरूर पता कर लेते हैं कि जॉनी ने नो पापा कहने और हा हा हा करने से पहले कौन सी चीनी खाई थी।
