देसी से मॉडर्न तक- चीनी की मिलती है इतनी वैराइटी, कैसे बनाएं स्वाद और सेहत का संतुलन, सही चीनी का चुनाव कैसे करें

Sugar types India Benefits Uses Best Choice: खाने में स्वाद के दो साथी हैं: नमक और चीनी। क्या आप जानते हैं कि मार्केट में आपके पास चीनी के कितने विकल्प मौजूद हैं। यहां जानें देसी खांडसारी से लेकर मॉडर्न ब्राउन शुगर तक में आपके पास क्या ऑपशन हैं। यहां चीनी के प्रकार, सेहत से जुड़े फायदों व नुकसान, किस रेसिपी में कौन सी चीनी डालें और चीनी के यूज का सही संतुलन समझें।

Sugar types India Benefits Uses Best Choice: जॉनी के चीनी खाने की कहानी तो हम सभी बचपन से सुनते आ रहे हैं। हर पीढ़ी ने उसको खूब शुगर खाते देखा है और हा हा हा करते भी। लेकिन सवाल ये है कि उसने कौन से प्रकार की चीनी खाई थी। रिफाइंड, ब्राउन, खांड या फिर कोकोनट शुगर। कहीं उसने असल में जैगरी यानी गुड़ तो नहीं खाया था। अब कोई वहां जाकर तो ये देख नहीं सकता है लेकिन हम इस लेख में आपको ये जरूर बता रहे हैं कि बाजार में आपको कितनी तरह की चीनी मिलती है। कौन सी चीनी फायदेमंद है, किसको किस रेसिपी में यूज करना चाहिए, डेली कितनी चीनी खानी चाहिए, चीनी स्टोर करने का सही तरीका क्या है, नकली चीनी कैसे पहचानें, चीनी से होने वाले हेल्थ इशूज। और बोनस पॉइंट में चीनी से जुड़े मजेदार फैक्ट्स भी पढ़ डालें। और हां, सबसे जरूरी बात हमारे साथ हिडन चीनी के बारे में भी जानें।

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देसी से मॉडर्न तक- चीनी की वैराइटी, प्रयोग, खतरे पर एक नजर (Pic: Canva)

चीनी का इतिहास कितना पुराना है, कभी थी 'सफेद सोना'

चीनी जो हमारे टेस्ट बड्स की जान बन गई है, के बारे में सबसे पहले जानें कि ये आई कहां से। प्राचीन भारत में चीनी की शुरुआत लगभग 500 ईसा पूर्व मानी जाती है। तब भी गन्ने के रस से चीनी बनाई जाती थी, गुड़ के साथ। संस्कृत में इसे शर्करा कहा जाता है। माना जाता है कि अंग्रेजी का शुगर शब्द यहीं से निकला है। ईसा पूर्व 327 में सिकंदर भारत आया तो उसने भी चीनी का स्वाद चखा। भारतीयों से ये कला फारसियों, फिर अरबों तक पहुंची।

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