ChandraShekhar Motivational Quotes: आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की 100वीं जयंती (Chandrashekhar 100th Birth Anniversary) है। बलिया के इब्राहिम पट्टी गांव में जन्मे चंद्रशेखर सिंह भारतीय राजनीति के युवा तुर्क कहे जाते थे। चंद्रशेखर की 100वीं जयंती पर देशभर के नेताओं ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें एक सच्चा जननेता बताया, जो अपने साहस, दृढ़ विश्वास और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी निष्ठा के लिए जाने जाते थे। चंद्रशेखर अपने बेबाक अंदाज और साफगोई के लिए भी जाने जाते थे।
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के प्रेरक विचार
एक साधारण परिवार से निकल देश के प्रधानमंत्री तक की कुर्सी तक पहुंचने वाले चंद्रशेखर का जीवन किसी भी इंसान के लिए प्रेरणा का काम कर सकते हैं। चंद्रशेखर की 100वीं जयंती पर आइए नजर डालते हैं उनके कुछ शक्तिशाली अनमोल विचारों पर:
Chandrashekhar Inspirational thoughts
1. एक बाध्यकारी असहमतिवादी, वह हमेशा सरकारी सत्ता के दायरे से बाहर रहा – एक ऐसा तथ्य जिसने उसे एक पहेली बना दिया है।
2. जहां नारी सशक्त होती है, वहाँ समाज मजबूत और राष्ट्र समर्थ बनता है। नारी शक्ति ही नए भारत की असली पहचान है।
3. मैं चंद्रशेखर हूं, दिन में बार-बार अपने फैसले नहीं बदलता।
4. मेरे लिए राजनीति का अर्थ है समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना और उनके हक की लड़ाई लड़ना।
5. राजनीति हाशिए पर खड़ी जनता की सेवा का माध्यम है, सिर्फ सत्ता मात्र प्राप्त करने का साधन नहीं
6. जिन हाथों में शक्ति भरी है राजतिलक देने की, उन हाथों में ही ताकत है सर उतार लेने की
7. भारत पुराना देश, पुरानी संस्कृति का देश है। इस देश में तरह-तरह के मजहब, तरह-तरह की जातियां, तरह-तरह की भाषा के लोग हैं। इस बगीचे की विभिन्न क्यारियों में तरह-तरह के फूल खिले हैं। कोई हिंदू है मुसलमान है, सिख है, ईसाई है पारसी और विभिन्न भाषाओं की भाषा बोलने वाले लोग हैं। इस चमन के हर फूल को मुस्कुराने की आजादी है।
8. मैं एक हिंदू हूं, मुझे हिंदू होने पर गर्व है और अन्य सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता के कारण, मैं हिंदू धर्म को श्रेष्ठ मानता हूं
9. ऐसा समय आता है जब किसी को चुनना होता है कि घुटने टेककर आशीर्वाद लेना है या खड़े होकर अपनी गिनती करवानी है. मैं दूसरा विकल्प चुनता हूं.”
10. मैं 10 प्रतिशत राजनीतिज्ञ और 90 प्रतिशत इंसान हूं.”
11. ऐसा समय आता है जब किसी को चुनना होता है कि घुटने टेककर आशीर्वाद लेना है या खड़े होकर अपनी गिनती करवानी है। मैं दूसरा विकल्प चुनता हूं।
चंद्रशेखर 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक भारत के 8वें प्रधानमंत्री रहे। हालांकि उनका कार्यकाल छोटा था, लेकिन उन्होंने देश को एक गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट के दौरान संभाला। वे कभी किसी मंत्री पद पर नहीं रहे और सीधे प्रधानमंत्री बने, जो उनके राजनीतिक कद को दर्शाता है।
