Flag Hoisting Time on 15th August 2026 (15 अगस्त 2026 को झंडा कितने बजे फहराया जाएगा): 15 अगस्त की सुबह बाकी दिनों से थोड़ी अलग होती है। कहीं बच्चों के हाथ में छोटे-छोटे तिरंगे दिखाई देते हैं तो कहीं सोसायटी के मैदान में सुबह से ही देशभक्ति के गीत बजने लगते हैं। स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी होती है और घरों की बालकनी में तिरंगा सज जाता है।
15 अगस्त 2026 को झंडा फहराने का समय
इस पूरे उत्सव का सबसे खास पल होता है ध्वजारोहण। इसलिए स्वतंत्रता दिवस से पहले लोग यह जानना चाहते हैं कि 15 अगस्त 2026 को लाल किले पर तिरंगा कितने बजे फहराया जाएगा। साथ ही स्कूल, कॉलेज, दफ्तर और सोसायटी में ध्वजारोहण का सही समय क्या रहेगा।
15 अगस्त 2026 को झंडा कितने बजे फहराया जाएगा
15 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराएंगे। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सुबह 7 बजे से शुरू हो जाएगा। मुख्य ध्वजारोहण करीब सुबह 7:30 बजे होने की संभावना है। इसके बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे।
PIB की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बार भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। वर्ष 2026 के समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष और ‘विकसित भारत 2047’ में युवा शक्ति की भूमिका को खास जगह दी जाएगी।
| कार्यक्रम | तारीख और संभावित समय |
|---|---|
| स्वतंत्रता दिवस | शनिवार, 15 अगस्त 2026 |
| लाल किले के कार्यक्रम का प्रसारण | सुबह 7 बजे से |
| प्रधानमंत्री द्वारा ध्वजारोहण | करीब सुबह 7:30 बजे |
| प्रधानमंत्री का संबोधन | ध्वजारोहण के बाद |
| स्कूल और कॉलेजों में ध्वजारोहण | आमतौर पर सुबह 7 से 9 बजे |
| सोसायटी और स्थानीय कार्यक्रम | आयोजक द्वारा तय समय पर |
यहां ध्यान रखें कि लाल किले का समय पूरे देश के लिए अनिवार्य नहीं है। स्कूल, दफ्तर और सोसायटी अपनी सुविधा के अनुसार कार्यक्रम का समय तय कर सकते हैं।
स्कूल में 15 अगस्त 2026 को झंडा कितने बजे फहराना है
देश के सभी स्कूलों के लिए ध्वजारोहण का कोई एक समय तय नहीं है। ज्यादातर स्कूल सुबह 7 से 9 बजे के बीच स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम रखते हैं। सुबह जल्दी कार्यक्रम रखने का एक कारण मौसम भी है, ताकि बच्चे तेज धूप और गर्मी बढ़ने से पहले घर लौट सकें।
स्कूलों में आमतौर पर ये कार्यक्रम होते हैं:
- प्रिंसिपल या मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण
- राष्ट्रगान
- स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना
- बच्चों के भाषण और कविताएं
- देशभक्ति गीत और नृत्य
- मिठाई बांटना
बच्चों और अभिभावकों को स्कूल की ओर से जारी नोटिस में दिया गया समय ही अंतिम मानना चाहिए।
सोसायटी में स्वतंत्रता दिवस 2026 का झंडा फहराने का टाइम
रेजिडेंशियल सोसायटी, कॉलोनी, दुकान या निजी संस्था में सुबह 7 से 9 बजे के बीच ध्वजारोहण करना सुविधाजनक रहता है। इस समय मौसम अपेक्षाकृत अच्छा होता है और ज्यादा लोग कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।
हालांकि सुबह 7 बजे ही झंडा फहराना जरूरी नहीं है। आयोजक लोगों की सुविधा और कार्यक्रम की अवधि के अनुसार समय तय कर सकते हैं।
गृह मंत्रालय की झंडा संहिता के अनुसार, आम नागरिक, निजी संस्थाएं और शिक्षण संस्थान राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखते हुए इसे किसी भी दिन फहरा सकते हैं। खुले स्थान या घर पर लगाया गया तिरंगा दिन और रात भी फहराया जा सकता है।
ध्वजारोहण करते समय इन बातों का ध्यान रखें
तिरंगा फहराते समय उत्साह के साथ उसके सम्मान का ध्यान रखना भी जरूरी है।
- तिरंगा फटा, गंदा या अस्त-व्यस्त नहीं होना चाहिए।
- केसरिया रंग हमेशा ऊपर रहना चाहिए।
- झंडा जमीन, फर्श या पानी को नहीं छूना चाहिए।
- किसी दूसरे झंडे को तिरंगे से ऊंचा न लगाएं।
- तिरंगे को सजावटी पर्दे या मेजपोश की तरह इस्तेमाल न करें।
- ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के समय सावधान की मुद्रा में खड़े रहें।
- कागज के तिरंगों को कार्यक्रम के बाद जमीन पर न छोड़ें।
- क्षतिग्रस्त तिरंगे को सामान्य कचरे में न फेंकें।
15 अगस्त और 26 जनवरी के ध्वजारोहण में क्या अंतर है
15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते हैं। यह दिन देश को अंग्रेजी शासन से मिली आजादी की याद दिलाता है।
वहीं 26 जनवरी को राष्ट्रपति कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व करते हैं। इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। 15 अगस्त को ध्वज को नीचे से ऊपर खींचकर फहराया जाता है, जबकि गणतंत्र दिवस पर पहले से ऊपर बंधे ध्वज को खोला जाता है।
2026 में कौन-सा स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा
भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी। वर्ष 2026 में देश आजादी के 79 वर्ष पूरे करेगा, लेकिन स्वतंत्रता दिवस का आयोजन 80वां होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 15 अगस्त 1947 को भारत का पहला स्वतंत्रता दिवस माना जाता है।
इस शनिवार सुबह जब लाल किले पर तिरंगा फहराया जाएगा, तब देश के करोड़ों लोग इस पल के गवाह बनेंगे। स्कूल हो, घर हो या सोसायटी—ध्वजारोहण का समय थोड़ा अलग हो सकता है, लेकिन तिरंगे के प्रति सम्मान और गर्व का भाव हर जगह एक जैसा रहेगा।
