Times Now Navbharat
live-tv
Premium

क्या बच्चों को चाय पीनी चाहिए?

Kya baccho ko chai pini chahiye: आपने अक्सर देखा होगा कि बहुत से घरों में जब बड़े चाय पीते हैं, तो बच्चे भी उन्हें देखकर चाय मांगते हैं। कई बार उनकी जिद्द की वजह से पेरेंट्स भी उन्हें चाय पीने को दे देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि आखिर यह उनके लिए सुरक्षित है? क्योंकि आमतौर पर डॉक्टर्स बच्चों को चाय देने से मना करते हैं। इसके पीछे का कारण जानने के लिए हमने टॉप बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर के साथ खास बातचीत की। चलिए जानते हैं बच्चों को चाय देना आखिर कितना सेफ है।

Image
बच्चों को चाय पीनी चाहिए या नहीं (PC - AI)
Authored by: विनीत
Updated Dec 30, 2025, 17:45 IST
Follow on Google News

Kya baccho ko chai pini chahiye: सोचकर देखिए कि सुबह का वक्त है, रसोई में चाय की खुशबू फैली हुई है और परिवार के सभी लोग अपने-अपने चाय के कप लेकर बैठे हैं। तभी एक छोटा बच्चा भी कप की ओर हाथ बढ़ाता है और कहता है मुझे भी चाय चाहिए। डॉक्टर तो आमतौर पर बच्चों को चाय पिलाने से मना करते हैं, लेकिन कई बार बच्चों की जिद्द के चक्कर में पेरेंट्स उन्हें चाय दे देते हैं। लेकिन आखिर डॉक्टर छोटे बच्चों को चाय पिलाने से मना करते क्यों हैं? ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल खड़ा होता है कि क्या बच्चों को चाय पीने देना सही है? इसके बारे में जानने के लिए हमने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचिरा पहारे और डॉ. मनीष मान से बात की। डॉक्टर्स बताते हैं कि छोटे बच्चों, खासकर 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों को चाय देने से बचना चाहिए। आइए जानें क्यों यह आदत बच्चे की सेहत पर असर डालती है और सही विकल्प क्या हैं।

क्या 12 साल से कम बच्चों को चाय देना गलत है (Why we should not give tea to kids)

इंदौर के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचिरा पहारे के अनुसार 12 वर्ष से कम आयु में बच्चों को चाय देना बिल्कुल सही नहीं है। इस उम्र में बच्चे का दिमाग, हड्डियां और पाचन तंत्र विकसित हो रहा होता है। ऐसे में चाय में मौजूद स्टिमुलेंट तत्व बच्चे की प्राकृतिक वृद्धि पर प्रभाव डालते हैं। इसी कारण इस उम्र में चाय की आदत शुरू न करवाने की सलाह दी जाती है।

चाय में मौजूद कैफीन क्यों है नुकसानदायक

पारस हेल्थ, गुरुग्राम में पीडियाट्रिक्स और नियोनेटोलॉजी के प्रमुख डॉ. मनीष मान बताते हैं कि चाय में मौजूद कैफीन बच्चों की नींद को बाधित कर सकती है, जिससे चिड़चिड़ापन, बेचैनी, तेज धड़कन और दिनभर थकान की स्थिति बन सकती है। जब नींद प्रभावित होती है तो पढ़ाई में ध्यान कम लगता है, स्वभाव चिड़चिड़ा हो सकता है और कई बार बच्चों में आदत भी लगने लगती है। इसीलिए छोटे बच्चों में कैफीन वाली चाय देने से बचना चाहिए।

बच्चों को चाय देने के हैं कई नुकसान

बच्चों को चाय देने के हैं कई नुकसान

टैनिन से बीमारियों का खतरा

चाय में पाया जाने वाला तत्व टैनिन शरीर में आयरन और कैल्शियम के अवशोषण को कम कर देता है। डॉ. रुचिरा पहारे बताती हैं कि इससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और एनीमिया होने की संभावना बढ़ जाती है। यह खासकर उन बच्चों के लिए नुकसानदायक है जिनके शरीर को बढ़ने के लिए मजबूत पोषण की आवश्यकता होती है।

चाय से दांत और मोटापे की समस्या

चाय में डाली जाने वाली अतिरिक्त शुगर बच्चों का वजन बढ़ाती है, साथ ही दांतों में सड़न की समस्या पैदा करती है और शरीर में अनावश्यक ऊर्जा जमा करती है। नियमित रूप से मीठी चाय पीने वाले बच्चों में मोटापा और दांतों की समस्या की संभावना बढ़ जाती है।

कब से और कितनी मात्रा में चाय दी जा सकती है (When to give tea to kids)

डॉ. मनीष बताते हैं कि चाय देने की बिल्कुल आवश्यकता हो, तो 12 वर्ष की उम्र के बाद हल्की दूध वाली चाय बहुत सीमित मात्रा में दी जा सकती है। दिन में एक बार से अधिक न दें और इसे आदत न बनने दें। छोटे बच्चों को चाय देने से पूरी तरह बचना चाहिए।

बच्चों के लिए बेहतर विकल्प क्या हैं?

डॉ. मनीष की मानें तो पानी बच्चों के शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। इसके अलावा दूध हड्डियों के लिए फायदेमंद होता है। ताजे फलों का रस, ठंड के मौसम में सूप, और एक वर्ष से बड़े बच्चों के लिए हल्का अदरक, तुलसी, शहद मिलाकर बनाया गया गर्म ड्रिंक जैसे हर्बल चाय या काढ़ा आदि अच्छे और सुरक्षित विकल्प हैं।

तो अब आप समझ गए होंगे कि बच्चों को चाय देना सही आदत नहीं है। शुरू से ही चाय से दूर रखकर सही पेय विकल्प देना बच्चों की सेहत के लिए बेहतर है। बचपन में बनी स्वस्थ आदतें आगे चलकर पूरी जिंदगी पर सकारात्मक असर डालती हैं।

End of Article