मिस सुप्रानेशनल के 16वें संस्करण को अपना नया विजेत मिल गया है। मिस सुप्रानेशनल 2025 का आयोजन 27 जून 2025 को पोलैंड के नॉवी सोंच (Nowy Sącz) में स्ट्रजेलेकी पार्क एम्फीथिएटर (Strzelecki Park Amphitheater) में हुआ था। ब्राजील की एडुआर्डा ब्रौम (Eduarda Braum) ने मिस सुप्रानेशनल 2025 का खिताब जीता। उन्होंने इंडोनेशिया की हरष्ट हरफा जाहरा (Harashta Haifa Zahra) को पछाड़कर यह खिताब अपने नाम किया। जर्मनी की अन्ना लाक्रिनी (Anna Lakrini) फर्स्ट रनर-अप रहीं।
ब्राजील के एस्पिरिटो सैंटो में अफोंसो क्लाउडियो की 23 वर्षीय एडुआर्डा एक साहित्य स्नातक, मॉडल और प्रस्तुतकर्ता हैं। 1.86 मीटर लंबी, वह अपने मजबूत कॉम्युनिकेशन स्किल्स और लोगों के साथ गहरे संबंधों के लिए जानी जाती हैं। मिस सुपरनैशनल वेबसाइट के अनुसार, "उन्होंने प्रोटागोनिस्टास डू अमान्हा की स्थापना की, एक परियोजना जिसके तहत वह शिक्षा और आत्म-जागरूकता की शक्ति के बारे में सार्वजनिक स्कूलों में प्रेरक भाषण देती हैं।
वहीं मिस सुप्रानेशनल 2025 में आयुश्री मलिक ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने प्रतियोगिता में शीर्ष 24 फाइनलिस्ट में जगह बनाई। उन्होंने सुप्रा चैट चैलेंज का खिताब भी जीता। आयुश्री मलिक ने प्रतियोगिता में अपनी बौद्धिक क्षमता, एथलेटिकिज्म और सुंदरता का प्रदर्शन किया। वह एक मनोविज्ञान की छात्रा हैं और बास्केटबॉल खिलाड़ी भी हैं। आयुश्री मलिक ने भले ही खिताब न जीता हो लेकिन इवेंट में उन्होंने अपनी एक अलग छाप छोड़ी। नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड के दौरान, उन्होंने भूपेन्द्र सिंह द्वारा डिजाइन की गई युवती नामक पारंपरिक राजस्थानी ड्रेस पहनकर, राजस्थान की संस्कृति का प्रदर्शन किया।
कौन हैं आयुश्री मलिक
आयुश्री मलिक एक भारतीय ब्यूटी पेजेंट टाइटलहोल्डर हैं, जिन्हें मिस सुप्रानेशनल इंडिया 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह पोलैंड में 27 जून 2025 को हुई मिस सुप्रानेशनल 2025 प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व की हैं। बता दें कि उन्होंने मिस दिवा 2024 का खिताब जीता था, जिससे उन्हें मिस सुप्रानेशनल 2025 में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिला। प्रतियोगिता के दौरान, उन्होंने मिस बॉडी ब्यूटीफुल का सबटाइटल भी जीता और सुप्रा चैट चैलेंज की विजेता भी रहीं। मिस सुप्रानेशनल 2025 में, वह शीर्ष 24 फाइनलिस्ट में शामिल हुईं।
आयुश्री मलिक ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। उन्होंने अपनी जर्नी में कई चुनौतियों का सामना किया है और खुद को शारीरिक, भावनात्मक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से बदला है। उनका कहना है कि यह जर्नी केवल उनकी अकेले की नहीं है, बल्कि इसमें एक पूरी टीम का सहयोग है। वह भारत का प्रतिनिधित्व करने पर बहुत गर्व महसूस करती हैं।
