Deepotsav 2022: जमीं पर चांद-तारों का दीदार कराएगा अयोध्या का दीपोत्सव, ​देश-दुनिया की रामलीलाओं का होगा मंचन

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  • Updated Oct 21, 2022, 02:40 PM IST

मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ की पहल से दीपावली से एक दिन पहले अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत की गई। दीपोत्सव का यह आयोजन भव्यतम हो, इसके लिए पिछले कई महीनों से स्थानीय प्रशासन तैयारियों में युद्ध स्तर पर जुटा है।

Deepotsav in Ayodhya: अगर आप जमीं पर चांद-सितारों के मिलन जैसा नजारा देखना चाहते हैं तो 23 अक्टूबर दीपोत्सव के दिन राम की अयोध्या आपकी प्रतीक्षा कर रही है। इस दिन शाम को जब पतित पावनी सरयू तट की दाहिनी ओर राम की पैड़ी पर जलने वाले लगभग 15 लाख दीपों का सरयू के प्रवाहित होते जल में दिखता प्रतिबिंब आपको यही अहसास कराएगा। इस छठें दीपोत्सव को भव्यतम बनाने में प्रशासन एवं शासन ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। दीपोत्सव का यह आयोजन भव्यतम हो, इसके लिए पिछले कई महीनों से स्थानीय प्रशासन तैयारियों में युद्ध स्तर पर जुटा है। शासन स्तर से भी इसकी लगातार समीक्षा की जा रही है। समय-समय पर शासन के शीर्ष अधिकारी मौके पर जाकर तैयारियों की जमीनी हकीकत को परख रहे हैं। 19 अक्टूबर को इसी मकसद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद अयोध्या गये थे। इस दौरान उन्होंने श्रीरामजन्म भूमि के दर्शन पूजन एवं मंदिर निर्माण के प्रगति का निरीक्षण किया। साथ ही दीपोत्सव कार्यक्रम के स्थलों पर हो रही तैयारियों का निरीक्षण किया और इसी बाबत समीक्षा बैठक भी की।

Deepotsav 2022: जमीं पर चांद-तारों का दीदार कराएगा अयोध्या का दीपोत्सव, ​देश-दुनिया की रामलीलाओं का होगा मंचन

पहली बार 2017 में हुआ था दीपोत्सव का आयोजन

दरअसल मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ की पहल से दीपावली से एक दिन पहले अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत की गई। माना जाता है कि राम के वनवास से अयोध्या वापस आने पर वहां के लोगों ने खुशी में अपने घरों एवं चौबारों में दीपक जलाए। त्रेतायुग की उसी याद को ताजा करने के लिए दीपोत्सव की शुरुआत की गई। इस अवसर पर सरयू की भव्य आरती के अलावा पूरे अयोध्या, मंदिरों, मठों, घाटों, सड़कों, चौराहों, सार्वजनिक स्थानों की साज-सज्जा के साथ,लाइटिंग,म्यूजिकल लेजर शो, म्यूजिकल ग्रीन फायर क्रैकर शो, एवं दीपकों से जगमग हो उठती है। अयोध्या में सरयू के दाहिने ओर राम की पैड़ी पर लाखों दीपकों का एक साथ जलते देखना तो खुद में अभूतपूर्व एवं अकल्पनीय होता है। सरयू के जल में पड़ता इनका प्रतिबिंब देख यही लगता है मानों आसमान के सभी चांद-सितारे भी अपने राम के वनवास से आने की खुशी में अयोध्या ही आ गए हों।

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