Dating Trends 2026: रिलेशनशिप को लेकर लोगों की सोच तेजी से बदल रही है। सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के दौर में लोगों के लिए नए लोगों से मिलना बेहद आसान हो चुका है। रिश्तों के मायने तेजी से बदल रहे हैं और इसी कड़ी में कई नए ट्रेंड भी चर्चा में आए हैं। इन्हीं में से एक है एथिकल नॉन-मोनोगमी (Ethical Non-Monogamy)। आखिर यह ट्रेंड क्या है और इसे लेकर इतनी चर्चा क्यों है आइए आसान भाषा में इसे समझते हैं।
क्या एक से ज्यादा रिश्ते भी हो सकते हैं एथिकल
आखिर क्या है एथिकल नॉन-मोनोगमी
इसका मतलब ऐसे रिश्ते से है, जिसमें व्यक्ति एक समय में एक से ज्यादा लोगों के साथ रोमांटिक या फिजिकल रिलेशनशिप रख सकता है। गौर करने वाली बात ये है कि इस पूरी व्यवस्था की जानकारी रिश्ते में शामिल सभी लोगों को होती है। यहां सबसे जरूरी शब्द है एथिकल यानी सहमति है। इसमें किसी भी व्यक्ति से कोई बात छिपाई नहीं जाती और सभी लोग अपनी इच्छा से इस तरह के रिश्ते का हिस्सा बनते हैं। यानी अगर किसी व्यक्ति का अपने साथी के अलावा किसी और के साथ रिश्ता है और उसके पार्टनर को इसकी जानकारी नहीं है, तो उसे ENM नहीं कहा जाएगा। ऐसी स्थिति धोखे या बेवफाई के दायरे में आ सकती है।
क्यों बढ़ रहा है ENM का चलन
आज की डेटिंग दुनिया पहले के मुकाबले काफी बदल चुकी है। डेटिंग ऐप्स ने लोगों के लिए नए लोगों से मिलना और अलग-अलग तरह के रिश्तों को समझना आसान बना दिया है। कई लोग अब रिश्तों को लेकर पारंपरिक सोच से अलग विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। उनके लिए जरूरी नहीं कि हर रिश्ता शादी तक पहुंचे। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हर व्यक्ति के लिए ENM सही विकल्प है।
क्या एक इंसान से पूरी हो सकती हैं सभी जरूरतें
ENM को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसी सवाल पर होती है कि क्या हम एक ही व्यक्ति से अपनी सभी जरूरतें पूरी होने की उम्मीद करते हैं? रिश्तों में हर व्यक्ति की जरूरतें और उम्मीदें अलग होती हैं। किसी के लिए एक पार्टनर के साथ गहरा और लंबे समय का रिश्ता सबसे जरूरी हो सकता है, जबकि कोई दूसरा व्यक्ति रिश्तों में ज्यादा स्वतंत्रता चाहता हो। इसी वजह से आधुनिक रिश्तों में लोग अपनी जरूरतों और सीमाओं को लेकर पहले से ज्यादा खुलकर बातचीत करने लगे हैं।
लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है कि हर दोस्ती या भावनात्मक जुड़ाव को रोमांटिक या यौन रिश्ते में बदलना जरूरी नहीं है। दोस्ती, परिवार और दूसरे सामाजिक रिश्ते भी हमारी जिंदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
क्या यह सिर्फ आधुनिक दौर की देन है?
ENM को अक्सर आधुनिक डेटिंग का नया ट्रेंड माना जाता है, लेकिन गैर-मोनोगामी का विचार बिल्कुल नया नहीं है। अलग-अलग समय और संस्कृतियों में रिश्तों के कई तरह के स्वरूप देखने को मिले हैं। यानी इंसानी रिश्ते हमेशा से एक जैसे नहीं रहे हैं। आज फर्क इतना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के कारण लोगों को अलग-अलग तरह के रिश्तों के बारे में जानकारी आसानी से मिल जाती है। लोग अपने अनुभव साझा करते हैं और अपने लिए अलग विकल्पों पर विचार कर पाते हैं। इसलिए ENM को केवल एक नया फैशन कहना भी पूरी तस्वीर नहीं दिखाता।
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ENM में सबसे जरूरी है आपसी सहमति
एथिकल नॉन-मोनोगमी की सबसे महत्वपूर्ण शर्त आपसी सहमति है। अगर किसी रिश्ते में एक व्यक्ति ENM चाहता है और दूसरा इसके लिए तैयार नहीं है, तो सिर्फ रिश्ता टूटने के डर से सहमति देना स्वस्थ स्थिति नहीं मानी जा सकती। ऐसे रिश्ते में शुरुआत से ही साफ बातचीत जरूरी होती है। कौन-सी सीमाएं होंगी, किस तरह के रिश्ते स्वीकार्य होंगे और किन चीजों को लेकर दोनों असहज महसूस कर सकते हैं—इन सभी बातों पर खुलकर चर्चा करनी पड़ती है।
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क्या ENM हर किसी के लिए सही है?
इसका जवाब है-जरूरी नहीं। कुछ लोगों को एक व्यक्ति के साथ गहरा और स्थिर रिश्ता पसंद होता है। वहीं कुछ लोग आपसी सहमति और स्पष्ट सीमाओं के साथ रिश्ते के दूसरे स्वरूप को अपनाना पसंद कर सकते हैं। किसी रिश्ते का सही या गलत होना सिर्फ इस बात से तय नहीं होता कि वह पारंपरिक है या आधुनिक। ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि उसमें शामिल लोग सुरक्षित, सम्मानित और सहज महसूस कर रहे हैं या नहीं।
