साजों के दुनिया की सबसे अभागी गजल, कई कलाकारों की गई जान, आज भी गाने से कतराते हैं गायक

यह गजल शापित है या नहीं, यह बहस शायद कभी खत्म न हो, लेकिन इसका हर शेर अमर है। आखिरकार, हम सब इस दुनिया में मुसाफिर ही तो हैं। एक दिन सामान समेट कर यहां से रुखसत हो जाना है।

दुनिया में कुछ साज ऐसे होते हैं जो रूह को सुकून देते हैं और कुछ अल्फाज ऐसे होते हैं जो जेहन में हमेशा के लिए घर कर जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी किसी ऐसी गजल के बारे में सुना है जिसे 'शापित' कहा जाता हो? जी हां, उर्दू अदब की गलियों में एक ऐसी गजल कैद है जिसे गाने या सुनने से लोग आज भी कतराते हैं।

Insha ji utho ab kooch karo

इंशा जी उठो अब कूच करो..(AI Image)

इस गजल ने चार महान कलाकारों की जिंदगी को एक ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया, जहां से वापसी मुमकिन न थी। हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ कंटेंट क्रिएटर्स ने इस पुराने जख्म को फिर से हरा कर दिया है। सवाल वही है: क्या यह गजल वाकई शापित है या यह महज एक दुखदायी इत्तेफाक?

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