61st Femina Miss India: आजकल मिस इंडिया सिर्फ सुंदर दिखने का कॉन्टेस्ट नहीं रह गया है। अब ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म बन चुका है जहां लड़कियां अपने सपनों को सच करने की शुरुआत करती हैं। KIIT भुवनेश्वर द्वारा प्रस्तुत और रजनीगंधा पर्ल्स के सहयोग से हुए 61वें फेमिना मिस इंडिया इवेंट में टाइम्स ग्रुप के एमडी विनीत जैन ने एक बहुत ही सिंपल लेकिन गहरी बात कही - 'क्राउन बस पहला कदम है।' इसका मतलब साफ है कि ताज मिलना ही सब कुछ नहीं होता। असली सफर तो उसके बाद शुरू होता है। यही मंच लड़कियों को पहचान देता है, उनका कॉन्फिडेंस बढ़ाता है और उन्हें आगे बढ़ने का मौका देता है।
Vineet Jain, Managing Director, Times Group.
शुरुआत है अंत नहीं
विनीत जैन की बात बहुत सिंपल थी। ताज जीतना फाइनल गोल नहीं है। ये तो बस शुरुआत है। असली काम तो उसके बाद शुरू होता है - जब आपको मौके मिलते हैं, और आपको खुद को साबित करना होता है।
60 साल से एक ही सोच
विनीत जैन ने कहा कि Femina Miss India पिछले 60 सालों से एक ही काम कर रहा है - लड़कियों को आगे बढ़ाना। उन्हें मौका देना कि वो अपनी असली पहचान बना सकें और अपनी लाइफ अपने हिसाब से जी सकें।
यहां से मिलती है उड़ान
उन्होंने साफ कहा कि इस मंच से निकलने के बाद लड़कियां अलग-अलग फील्ड्स में जाती हैं और अच्छा काम करती हैं। यानी ये सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि करियर की शुरुआत है।
बड़े नाम, बड़ी प्रेरणा
अगर आप सोच रहे हैं कि इसका असर कितना बड़ा है, तो ये नाम ही काफी हैं - ऐश्वर्या राय बच्चन, प्रियंका चोपड़ा, दिया मिर्जा और मानुषी छिल्लर। ये सभी इसी मंच से आगे बढ़ीं और आज भी लोगों को इंस्पायर करती हैं।
भुवनेश्वर क्यों खास
इस बार इवेंट भुवनेश्वर में हुआ, और इसके पीछे भी एक सोच है। KIIT और KISS जैसे संस्थान शिक्षा और मौके देने के लिए जाने जाते हैं। इनसे जुड़ना इस बात का संकेत है कि असली ताकत शिक्षा और मौके देने में है।
शिक्षा से बदलती जिंदगी
उन्होंने बताया कि KIIT आज एक बड़ा और ग्लोबल लेवल का संस्थान बन चुका है। वहीं KISS हजारों आदिवासी बच्चों को पढ़ाई का मौका दे रहा है। डॉ. अच्युत सामंत की जर्नी को उन्होंने एक मिसाल बताया कि अगर इरादा मजबूत हो, तो बहुत कुछ किया जा सकता है।
आज के युवा ही नया भारत
स्टूडेंट्स से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज के युवा ही नया इंडिया हैं। उनमें कॉन्फिडेंस है, बड़े सपने हैं और कुछ अलग करने की चाह है।
हर मंच पर बन सकती है जगह
उन्होंने ये भी कहा कि Femina Miss India जैसे प्लेटफॉर्म का मकसद यही है - लड़कियों को आवाज देना, उन्हें दिखाना और ये भरोसा देना कि वो कहीं भी खड़ी हो सकती हैं चाहे देश हो या दुनिया।
शाम जो याद रहेगी
स्पीच के आखिर में उन्होंने बस इतना कहा कि ये शाम यादगार रहने वाली है। और सच में, जिस तरह की बातें हुईं, वो लंबे समय तक याद रहने वाली हैं। आखिर में बात वही— “क्राउन बस पहला कदम है” यानी मौका मिल गया है, अब कहानी आपको खुद लिखनी है।
