कई बार ऐसी खबरें भी सामने आती हैं कि किसी बुरी खबर को सुनने के बाद व्यक्ति को हार्ट अटैक आ गया। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वाकई कोई बुरी खबर दिल का दौरा पड़ने का कारण बन सकती है। इसका जवाब है- हां, कुछ परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अचानक मिलने वाली बेहद बुरी खबर शरीर में तनाव से जुड़ी प्रतिक्रिया शुरू कर सकती है। इसका असर दिल और रक्त वाहिकाओं पर भी पड़ता है।
क्या बुरी खबर बन सकती है हार्ट अटैक का कारण? जानिए बैड न्यूज पर कैसे रिएक्ट करती है बॉडी (Photo: iStock)
बुरी खबर मिलते ही शरीर में क्या होता है?
जब दिमाग किसी घटना को बड़े खतरे के रूप में देखता है, तो शरीर का फाइट ऑर फ्लाइट रिस्पॉन्स सक्रिय हो जाता है। यह शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया है, जो खतरे के समय हमें उससे लड़ने या बचकर निकलने के लिए तैयार करती है।
इस दौरान शरीर में एड्रेनालिन जैसे स्ट्रेस हार्मोन तेजी से रिलीज होते हैं। दिल की धड़कन तेज हो जाती है, ब्लड प्रेशर बढ़ता है और दिल को सामान्य से ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ने लगती है। तनाव के कारण रक्त वाहिकाएं कुछ समय के लिए सिकुड़ भी सकती हैं। इससे दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
पहले से दिल की बीमारी है तो बढ़ सकता है खतरा
डॉक्टर्स के मुताबिक, जिन लोगों की दिल की धमनियों में पहले से प्लाक जमा है, उनके लिए अचानक होने वाला भावनात्मक तनाव ज्यादा जोखिम भरा हो सकता है। तेज तनाव के कारण यह प्लाक अस्थिर होकर फट सकता है। इसके आसपास खून का थक्का बन सकता है। अगर यह थक्का दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनी को बंद कर दे, तो हार्ट अटैक आ सकता है।
एड्रेनालिन दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ाकर उसकी मेहनत भी बढ़ाता है। तनाव प्लेटलेट्स की सक्रियता और खून के थक्के बनने की प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है।
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क्या हर बार यह हार्ट अटैक ही होता है?
नहीं। बहुत ज्यादा भावनात्मक तनाव से कुछ लोगों में टाकोत्सुबो सिंड्रोम भी हो सकता है। इसे ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम कहा जाता है। इसमें दिल की मांसपेशियां कुछ समय के लिए कमजोर पड़ जाती हैं। इसके लक्षण हार्ट अटैक जैसे हो सकते हैं, लेकिन इसकी वजह अलग होती है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और धूम्रपान का इतिहास रखने वाले लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए। हालांकि, उम्र कम होने या पहले से कोई बीमारी न होने पर भी लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।
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सीने में दबाव या दर्द, सांस फूलना, ठंडा पसीना, जी मिचलाना, चक्कर, असामान्य कमजोरी या दर्द का हाथ, कंधे, पीठ, गर्दन और जबड़े तक फैलना खतरे के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखें तो उन्हें केवल तनाव या घबराहट समझकर न टालें। तुरंत मेडिकल मदद लें।
