दिमाग को गुलाम बना रहे फोन के नोटिफिकेशन, जानिए ब्रेन को रीसेट करने का आसान तरीके

टेक कंपनियां अरबों डॉलर खर्च करके ऐसे एल्गोरिदम बनाती हैं जो आपके दिमाग के 'फाइट ऑर फ्लाइट' वाले हिस्से को ट्रिगर कर सकें। जब भी फोन बजता है, दिमाग उसे एक संभावित खतरे या अवसर की तरह देखता है।

हमारे फोन की स्क्रीन पर हर कुछ मिनट में ब्लिंक करता एक नया नोटिफिकेशन आ जाता है। ये नोटिफिकेशन व्हाट्सऐप मैसेज, इंस्टाग्राम रील, ईमेल अलर्ट या किसी शॉपिंग ऐप के ऑफर तक के भी हो सकते हैं। हममें से ज्यादातर लोग इन्हीं नोटिफिकेशन्स के बीच जी रहे हैं। समस्या यह है कि ये नोटिफिकेशन समय खराब करने के साथ ही हमारी एकाग्रता और गहरी सोच की क्षमता को खत्म कर रहे हैं।

Brain Reset

मोबाइल नोटिफिकेशन्स के जाल में काफी हद तक फंस चुका है इंसान (Photo: iStock)

मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि लगातार आने वाले डिजिटल अलर्ट हमारे दिमाग को हमेशा एक काल्पनिक 'इमरजेंसी मोड' में रखते हैं। इसका असर केवल तनाव या चिड़चिड़ेपन में नहीं, बल्कि हमारी निर्णय लेने की क्षमता के धीमे होने के रूप में दिखाई देता है।

End of Feed