565 रियासतें, 21 दिन और एक देश, भारत के राष्ट्र बनने की अनसुनी दास्तान बयां करती है ये किताब

Birth of a Nation कहती है कि भारत का भविष्य 15 अगस्त को तय नहीं हुआ। असली लड़ाई उससे पहले के 21 दिनों में लड़ी गई। यह 21 दिन 25 जुलाई से 14 अगस्त 1947 तक का था।

किताब कैफे(Kitaab Café): 15 अगस्त 1947। भारतीय इतिहास की वो तारीख जब देश आजाद हुआ था। लेकिन क्या भारत उसी दिन एक राष्ट्र भी बन गया था? क्या अंग्रेजों के जाने के बाद पूरा देश अपने आप एक हो गया था? पत्रकार और लेखक जोसी जोसेफ ने अपनी नई किताब Birth of a Nation: The Twenty-One Days That Made India में इसी सवाल का जवाब पाठकों के सामने रखने की कोशिश की है।

Book Review: Birth of a nation

किताब कैफे: 565 रियासतें, 21 दिन और एक देश, भारत बनने की अनसुनी दास्तान बयां करती है ये किताब

किताब कहती है कि भारत का भविष्य 15 अगस्त को तय नहीं हुआ। असली लड़ाई उससे पहले के 21 दिनों में लड़ी गई। यह 21 दिन 25 जुलाई से 14 अगस्त 1947 तक का था। लेखक दावा करते हैं कि इन्हीं 21 दिनों में ऐसे फैसले हुए, जिन्होंने भारत को बिखरने से बचा लिया। यह किताब उन सरकारी बैठकों, गोपनीय दस्तावेजों और राजनीतिक बातचीत को पब्लिक करती है, जो बंद कमरों में चल रही थीं। बाहर देश आजादी का इंतजार कर रहा था। अंदर भारत का नक्शा तैयार हो रहा था।

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