भयंकर गर्मी की मार झेल रहे अपने देश भारत में मानसून ने दस्तक दे दी है। देश के कई राज्यों में बारिश की फुहार ने ना सिर्फ लोगों को गर्मी से राहत दी है बल्कि मौसम को भी खुशगवार कर दिया है। हालांकि देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में लोगों को अभी भी बरसात का इंतजार है। कई शायरों ने बारिश और बरसात में कई शेर और नगमें लिखे हैं। जब भी मानसून आता है लोग बरसात पर लिखे ये शेर खूब सुनते और सुनाते हैं। अब तो लोग ये शेर-ओ-शायरी एक दूसरे को भेजते भी हैं। अगर आप भी मानसून आने के साथ बरसात पर कुछ बेहतरीन शेर पढ़ना चाहते हैं तो यहां आपकी तलाश पूरी होगी। पढ़ें तमाम मशहूर कलमकारों के कलम से निकले कुछ बेहतरीन शेर:
गुनगुनाती हुई आती हैं फ़लक से बूँदें
कोई बदली तिरी पाज़ेब से टकराई है
- क़तील शिफ़ाई
अब के बारिश में तो ये कार-ए-ज़ियाँ होना ही था
अपनी कच्ची बस्तियों को बे-निशाँ होना ही था
- मोहसिन नक़वी
दूर तक फैला हुआ पानी ही पानी हर तरफ़
अब के बादल ने बहुत की मेहरबानी हर तरफ़
- शबाब ललित
दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था
इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था
- क़तील शिफ़ाई
बरसात के आते ही तौबा न रही बाक़ी
बादल जो नज़र आए बदली मेरी नीयत भी
- हसरत मोहानी
टूट पड़ती थीं घटाएँ जिन की आँखें देख कर
वो भरी बरसात में तरसे हैं पानी के लिए
- सज्जाद बाक़र रिज़वी
कच्चे मकान जितने थे बारिश में बह गए
वर्ना जो मेरा दुख था वो दुख उम्र भर का था
- अख़्तर होशियारपुरी
भीगी मिट्टी की महक प्यास बढ़ा देती है
दर्द बरसात की बूँदों में बसा करता है
- मरग़ूब अली
हम तो समझे थे कि बरसात में बरसेगी शराब
आई बरसात तो बरसात ने दिल तोड़ दिया
- सुदर्शन फ़ाकिर
ओस से प्यास कहाँ बुझती है
मूसला-धार बरस मेरी जान
- राजेन्द्र मनचंदा बानी
उस ने बारिश में भी खिड़की खोल के देखा नहीं
भीगने वालों को कल क्या क्या परेशानी हुई
- जमाल एहसानी
मैं वो सहरा जिसे पानी की हवस ले डूबी
तू वो बादल जो कभी टूट के बरसा ही नहीं
- सुल्तान अख़्तर
बारिश शराब-ए-अर्श है ये सोच कर 'अदम'
बारिश के सब हुरूफ़ को उल्टा के पी गया
- अब्दुल हमीद अदम
क्यूँ माँग रहे हो किसी बारिश की दुआएँ
तुम अपने शिकस्ता दर-ओ-दीवार तो देखो
- जाज़िब क़ुरैशी
बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने
किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है
- निदा फ़ाज़ली
