बशीर बद्र: आम आदमी का वो शायर, 'खास' लोगों ने पढ़े जिसके शेर, कभी इंदिरा गांधी तो कभी पीएम मोदी हुए मुरीद

Bashir Badr Death: आज बशीर बद्र के निधन की खबर ना सिर्फ उर्दू अदब की दुनिया के लिए नहीं, बल्कि उन लाखों दिलों के लिए गहरा सदमा है जिन्होंने कभी उनकी गजलों में अपने जज्बात तलाशे थे।

हर दिल अजीज मशहूर शायर बशीर बद्र का 91 साल की उम्र में निधन हो गया। भोपाल में अपने आवास पर अंतिम सांस लेने वाले बशीर बद्र लंबे समय से डिमेंशिया बीमारी से पीड़ित थे। उनकी याददाश्त जा चुकी थी। उन्होंने लोगों को पहचानना भी छोड़ दिया था। लेकिन दिल के किसी कोने में शेर-ओ-शायरी की दुनिया हमेशा आबाद रही। तभी तो अपने आखिरी दिनों में जब भी उन्हें मुशायरे की याद आती तो इरशाद, इरशाद कहने लगते थे।

Bashir Badr

अलविदा बशीर बद्र..

बशीर बद्र उन चुनिंदा शायरों में गिने जाते थे, जिनकी शायरी किताबों से निकलकर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई। उनके शब्दों में ऐसी नरमी, ऐसी सादगी और ऐसा दर्द था, जो सीधे दिल में उतर जाता।

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