Basant Panchami 2024: बसंत पंचमी के दिन ज्ञान और बुद्धि की देवी मां सरस्वती की आराधना का विधान है। बसंत ऋतु का आगमन करने वाला यह पर्व बदलते मौसम का संकेत देता है। केवल ऋतु ही नहीं यह पर्व पीले रंग के महातम को भी मानता है। इसलिए पीले कपड़े पहनने के साथ पीले रंग की मिठाई और व्यंजन तैयार करने की परंपरा है। लेकिन अगर त्योहार आपकी हेल्दी रूटीन में बाधा साबित होते हैं, तो यह गलत है। त्योहार तो हमेशा हमारे साथ रहने वाले हैं, लेकिन अगर कुछ बदल सकता है, तो वो हैं आपके तैयारी करने का तरीका। जी हां, आप अपने त्योहार को स्वस्थ बना सकती हैं। तो चलिए, शुरुआत करते हैं बसंत पंचमी के दिन हेल्दी प्लैटर की तैयारी के साथ।
भारत में किसी भी अवसर के लिए विशेष थाली आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित होती है। इनमें त्योहारी मौसम की ऊर्जा के अनुसार और उसके अनुरूप पकाई गई स्थानीय, मौसमी व्यंजन शामिल हैं। आयुर्वेद के अनुसार वसंत ऋतु में कफ दोष का नाश होता है। पाचन शक्ति कम हो जाती है और लोगों को एलर्जी होने का खतरा होता है। इस मौसम में, आहार में पुराने अनाज और मूंग, मसूर एवं अरहर जैसे दालों सहित ताजा और आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना फायदेमंद होता है। आपको परवल, करेला, बीन्स, प्याज और मसाले जैसे जीरा, धनिया हल्दी और अदरक जैसी सब्जियों को भी शामिल करना चाहिए।
