Atul Subhash केस से फ‍िर उठा ये बड़ा सवाल, पुरुषों के सुसाइड के आंकड़े ज्‍यादा क्‍यों, किस वजह से जल्‍दी हारते हैं हिम्‍मत

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Dec 12, 2024, 01:13 PM IST

बंगलूरू में इंजीनियर अतुल सुभाष के सुसाइड के बाद से एक बड़ा सवाल पुरुषों की मेंटल हेल्थ और उत्पीड़न को लेकर उठ रहा है। ये भी एक बड़ा सवाल है कि आखिर पुरुष महिलाओं की तुलना में ज्यादा सुसाइड क्यों करते हैं।

बंगलूरू में इंजीनियर अतुल सुभाष के सुसाइड कर लेने के मामले ने एक बार फिर पुरुषों की मेंटल हेल्थ को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अतुल ने सुसाइड करने से पहले 90 मिनट का वीडियो और 24 पन्नों का सुसाइड नोट लिखने के बाद आत्महत्या की। बता दें कि अतुल पर उनकी पत्नी ने दहेज और अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे जिन्हें अतुल ने झूठा बताया और बार-बार के उत्पीड़न से तंग आकर उन्होंने सुसाइड कर लिया। ऐसे में यहां एक बड़ा सवाल उठता है कि आखिर पुरुष महिलाओं की तुलना में ज्यादा सुसाइड क्यों करते हैं।

Atul Shubhash suicide case.

क्या कहते हैं आंकड़े

एनसीआरबी (NCRB) के 2021 के आंकड़ों के मुताबिक इस साल 30 से 45 साल के एज ग्रुप के 40,415 पुरुष सुसाइड कर चुके हैं। वहीं महिलाओं की सुसाइड करने की संख्या 11,629 रही।

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