RJ Mahvash on Dating App: पिछले दिनों क्रिकेटर युजवेंद्र चहल (Yuzvendra Chahal) संग नजदीकी को लेकर चर्चा में रहने वालीं रेडियो जॉकी महवश अपने एक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। आरजे महवश ने कहा है कि डेटिंग एप्स चलाने वालों मर्द भरोसे के लायक नहीं होते। मॉडर्न डेटिंग ट्रेंड पर उन्होंने कहा कि, 'आजकल लोग रिश्तों को शॉपिंग की तरह ले रहे हैं। टिंडर पर लेफ्ट-राइट स्वाइप ऐसे करते हैं, जैसे कि इंसान कोई सामान हों।'
डेटिंग ऐप इस्तेमाल करने वाे मर्दों पर आरजे महवश का बयान चर्चा में है।
रिलेशनशिप को लेकर महवश ने अपनी राय रखते हुए कहा कि, 'मेरा आज भी यही मानना है कि जब आप किसी से असल जिंदगी में मिलते हैं तो वह जुड़ाव कहीं ज्यादा मजबूत महसूस होता है। पर्सनली मुझे ऐसे किसी भी इंसान पर भरोसा करना मुश्किल लगता है जो ऐसी स्थितियों में डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करता हो, क्योंकि आपके मन में हमेशा यह ख्याल आता रहता है कि, यह इंसान शायद पांच और लोगों पर भी 'राइट स्वाइप' कर रहा होगा, तो मैं इस पर कैसे भरोसा करूं?'
क्या सच में डेटिंग एप्स चलाने वाले नहीं होते भरोसे के लायक?
आरजे महवश के इस बयान के बाद सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई कि क्या सच में डेटिंग एप्स का इस्तेमाल करने वाले मर्द भरोसे लायक नहीं होते। आज का माहौल को देखें तो डेटिंग ऐप्स ने रिश्तों की दुनिया को काफी बदल दिया है। आज लाखों लोग साथी की तलाश, दोस्ती या सीरियस रिलेशनशिप्स के लिए इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते हैं। इसके साथ भी एक धारणा ये भी बन रही है कि डेटिंग ऐप्स इस्तेमाल करने वाले पुरुष भरोसेमंद नहीं होते। आरजे महवश के बयान के बाद इस धारणा को और बल मिला है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स की मानें तो किसी व्यक्ति की विश्वसनीयता का आकलन केवल इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि वह अपने पार्टनर से कहां मिला है। वो कहते हैं कि डेटिंग ऐप सिर्फ एक माध्यम है, व्यक्ति का चरित्र नहीं। जैसे ऑफिस, कॉलेज या दोस्तों के जरिए मिले सभी लोग एक जैसे नहीं होते, वैसे ही डेटिंग ऐप्स पर मौजूद सभी पुरुषों को एक ही नजरिए से देखना उचित नहीं है।
हालांकि, यह भी सच है कि कुछ लोग डेटिंग ऐप्स का उपयोग केवल कैजुअल डेटिंग, फ्लर्टिंग या अल्पकालिक रिश्तों के लिए करते हैं। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति की अपेक्षाएं और इरादे स्पष्ट नहीं हैं, तो गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। लेकिन यह समस्या केवल डेटिंग ऐप्स तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी तरह के रिश्ते में हो सकती है।
मनोवैज्ञानिकों का मत
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि किसी व्यक्ति पर भरोसा करने से पहले उसके व्यवहार, ईमानदारी और रिश्ते के प्रति प्रतिबद्धता को देखना ज्यादा महत्वपूर्ण है। क्या वह अपने वादे निभाता है? क्या उसकी बातें और काम मेल खाते हैं? क्या वह आपके प्रति सम्मानजनक व्यवहार करता है? ये बातें उसके भरोसेमंद होने का बेहतर संकेत देती हैं।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि ऑनलाइन रिश्तों में जल्दबाजी से बचना चाहिए। सामने वाले को समझने के लिए समय लें, उसकी बातों को परखें और केवल प्रोफाइल या आकर्षक तस्वीरों के आधार पर कोई निष्कर्ष न निकालें।
हमें ये समझना होगा कि भरोसा किसी ऐप से नहीं, इंसान के व्यवहार से बनता है। डेटिंग ऐप्स पर मिले कुछ लोग अविश्वसनीय हो सकते हैं, लेकिन कई ऐसे भी हैं जिन्होंने इन्हीं प्लेटफॉर्म्स के जरिए सफल और लंबे रिश्ते बनाए हैं। इसलिए किसी व्यक्ति को केवल डेटिंग ऐप इस्तेमाल करने के आधार पर जज करना उचित नहीं माना जाता।
