Ananya Pandey Philosophy for life in Hindi: अभिनेत्री अनन्या पांडे का मानना है कि लगातार लोगों की नजरों में रहना कभी-कभी मुश्किल हो सकता है, लेकिन अपने चाहने वालों और लगातार काम पर ध्यान केंद्रित करने से वे संतुलन बनाए रखती हैं। अनन्या ने यह भी कहा कि उनका आत्मविश्वास खुद को स्वीकार करने से आता है और यह जानने से कि परफेक्ट होना जरूरी नहीं है—कभी-कभी गलतियां भी ठीक होती हैं।
अनन्या पांडे (Photo: Ananya Pandey Insta)
जब आईएएनएस ने बातचीत में अनन्या से पूछा कि वह लगातार लोगों की नजरों के बीच अपने आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को कैसे बनाए रखती हैं, तो उन्होंने इस सवाल का जवाब दिया, "यह हमेशा आसान नहीं होता। कुछ दिन ऐसे भी होते हैं जब बातें आपको बहुत परेशान करने लगती हैं।"
समय के साथ उन्होंने यह सीख लिया है कि जिंदगी में सच्चे रिश्तों और पसंद के काम को अहमियत देना जरूरी है।
अनन्या ने बताया, "मैं जमीन से जुड़ी रहने की कोशिश करती हूं और खुद को याद दिलाती हूं कि परफेक्ट न होना भी ठीक है। आत्मविश्वास तब आता है जब आप अपने अच्छे और बुरे दोनों में खुद को स्वीकार करते हैं। जैसा कि कहा जाता है, 'कोई भी परफेक्ट नहीं होता!'
अनन्या पांडे ने इसी बात को अपने जीवन का मूलमंत्र बना लिया है। वह बखूबी जानती हैं कि शोहरत के साथ शिकायतें भी मिलती हैं। इन शिकायतों पर खुद को कमजौर ना करें। बल्कि यह स्वीकार करें की कोई भी परफेक्ट नहीं होता और हो भी नहीं सकता। तो आप भी अनन्या पांडे के इस मूलमंत्र से सीख लें और गलतियां करने से ना डरें। यही आदत आपको सफलता के शिखर तक ले जाएंगी।
बता दें कि अनन्या की आगामी फिल्म है तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी। इस फिल्म में कार्तिक आर्यन, जैकी श्रॉफ, नीना गुप्ता और अन्य कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। कार्तिक और अनन्या इससे पहले 2019 में 'पति, पत्नी और वो' में साथ नजर आ चुके हैं।
(इनपुट- आईएएनएस)
