आंखों की थकान कैसे दूर करें (how to relieve eye strain): अपने ऑफिस के ज्यादातर काम, हम लैपटॉप की मदद से आसानी से कर लेते हैं। एक तरफ जहां इस तकनीक की वजह से इतने फायदे मिलते हैं, वहीं दूसरी तरफ इसके कुछ नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं, जिनमें स्क्रीन टाइम अधिक होने की वजह से आंखों को नुकसान पहुंचना सबसे आम है। दिन-रात फोन और लैपटॉप की स्क्रीन पर देखते रहने की वजह से, हमारी आंखों पर काफी जोर पड़ता है, जिस वजह से आंखों से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि इन परेशानियों से आंखों की रक्षा करने के लिए हम उनका ख्याल रखें। न्यूट्रीशनिस्ट श्वेता शाह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर आई स्ट्रेन से बचने की पोटली बनाने की विधि शेयर की है। इससे न सिर्फ आंखों की थकान दूर होगी बल्कि और भी फायदे मिलेंगे।
आंखों को आराम देने वाली पोटली कैसे बनाएं
स्क्रीन स्ट्रेन पोटली बनाने की सामग्री
- एक बड़ा चम्मच सूखे गुलाब की पंखुड़ियां
- एक बड़ा चम्मच सौंफ
- एक छोटा चम्मच त्रिफला पाउडर
- एक छोटा चम्मच मुलैठी पाउडर
- एक मुलायम सूती कपड़ा
आई स्ट्रेन दूर करने की पोटली बनाने की विधि
- सभी पाउडर और सूखे फूलों को एक छोटे कटोरे में अच्छी तरह मिलाएं।
- मिश्रण को सूती कपड़े में रखें और इसे छोटे पोटली या बैग की तरह बांध लें।
- पोटली को हल्का गर्म करने के लिए इसे 1–2 मिनट गर्म पानी की भाप में रखें।
आई स्ट्रेन दूर करने की पोटली कैसे करें यूज
पोटली को कमरे के तापमान पर या हल्का गर्म करने के बाद बंद आंखों पर रखें। हलके हाथों से इसे आंखों पर 10–15 मिनट तक रखें। इस दौरान आराम से बैठें या लेट जाएं। इसे रोजाना इस्तेमाल करने से आंखों को राहत मिलेगी।
आई स्ट्रेन दूर करने की पोटली को इस्तेमाल करने के लाभ
1.यह पोटली आंखों की थकान को कम करने में मदद करेगी , खासकर तब जब आप लंबे समय तक कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन देखते हैं।
2.इसे इस्तेमाल करने से डार्क सर्कल्स हल्के होने लगते हैं और आंखों के नीचे की थकान दूर होने लगती है।
3.यह पोटली जलन और आंखों के सूखेपन को शांत करती है, जिससे आंखें आरामदायक और तरोताजा महसूस करती हैं।
4.इसे इस्तेमाल करने से पित्त के कारण होने वाली गर्मी में ठंडक मिलती है, जिससे आंखों को राहत मिलती है।
5.अगर इसे लगातार या रोजाना इस्तेमाल किया जाए, तो यह आंखों को मजबूत बनाए रखती है और डिजिटल डिवाइस के लंबे समय तक इस्तेमाल के बावजूद आंखों की सुरक्षा भी करती है।
