आंधी-तूफान में क्यों उखड़ जाते हैं पेड़? मानसून से पहले कैसे करें सुरक्षित

Trees Uprooted: आंधी-तूफान के साथ हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई पेड़ गिर जाते हैं और उनकी वजह से बिजली के खंभे, सड़क, वाहन इत्यादि चीजों को नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसके बाद पेड़-पौधों को सड़कों से हटाकर यातायात को बहाल किया जाता है। इसको लेकर पर्यावरणविद्, उद्यान विशेषज्ञ सहित अन्य लोग चिंतित हैं।

Trees Uprooted: गर्मी, बारिश या फिर ठंड चाहे कोई भी मौसम हो अगर आंधी-तूफान आया तो पेड़ पौधों को काफी नुकसान पहुंचता है। हालही में मानसून ने केरल और पूर्वोत्तर क्षेत्र में समय से पहले दस्तक दे दी है, लेकिन मानसून के साथ ही हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। आमतौर पर देखा गया है कि मानसूनी बारिश होते ही पेड़-पौधों के टूटने और उखड़ने की घटनाएं बढ़ जाती है। हालांकि, आंधी-तूफान में सभी पेड़ उखड़ जाएं ऐसे नहीं होता है, बल्कि मजबूत जड़, अनुकूल मिट्टी और संतुलिल विकास वाले पेड़-पौधे तूफान का सामना कर जाते हैं, लेकिन टूटकर बिखरने वाले कई पेड़-पौधे दुख दे जाते हैं।

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तूफान में उखड़ गए पेड़ (सांकेतिक तस्वीर)

आंधी-तूफान के साथ हुई मूसलाधार बारिश के चलते कई पेड़ गिर जाते हैं और उनकी वजह से बिजली के खंभे, सड़क, वाहन इत्यादि चीजों को नुकसान का सामना करना पड़ता है। इसके बाद पेड़-पौधों को सड़कों से हटाकर यातायात को बहाल किया जाता है। तो चलिए आज चर्चा करेंगे

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