कौन थीं राजमाता जीजाबाई? जिनकी छत्रछाया में छत्रपति शिवाजी महाराज ने महान योद्धा बनकर रचा इतिहास?

Maratha Empire: जब बात मराठा साम्राज्य की होती है, तो छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज के नाम जहन में उभरते हैं। दो ऐसे वीर योद्धा, जिन्होंने स्वराज की स्थापना और उसके विस्तार को अपने रक्त और शौर्य से सींचा। लेकिन, इस गौरवशाली साम्राज्य की नींव में एक ऐसी महान नारी का योगदान शामिल है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। राजमाता जीजाबाई मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की माता और शाहजी भोंसले की पत्नी थीं।

नई दिल्ली: जब बात मराठा साम्राज्य की होती है, तो छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज के नाम जहन में उभरते हैं। दो ऐसे वीर योद्धा, जिन्होंने स्वराज की स्थापना और उसके विस्तार को अपने रक्त और शौर्य से सींचा। लेकिन, इस गौरवशाली साम्राज्य की नींव में एक ऐसी महान नारी का योगदान शामिल है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। राजमाता जीजाबाई मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की माता और शाहजी भोंसले की पत्नी थीं।

shivaji maharaj

जीजाबाई ने शिवाजी को बचपन से ही वीरता, धर्म और स्वतंत्रता के आदर्श सिखाए।

जीजाबाई एक ऐसी नारी थीं, जिन्होंने महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज को जन्म दिया और अदम्य साहस, बुद्धिमत्ता और धर्मनिष्ठा से मराठा साम्राज्य की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी मार्गदर्शन और शिक्षाओं ने शिवाजी को वह नजरिया और साहस प्रदान किया, जिसने मराठा साम्राज्य को अजेय बनाया और इस विरासत को संभाजी महाराज ने आगे बढ़ाया। जीजाबाई का जीवन मराठा गौरव का वह आधार स्तंभ है, जिसके बिना स्वराज की कहानी अधूरी है।

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